मोहाली। जिले की बहुमंजिला इमारतों में रह रहे लोगों को आगजनी की घटनाओं से बचाने लिए शहर का दमकल विभाग मुंबई की राह पर निकल पड़ा है। दमकल विभाग ने अब 350 फुट तक की ऊंचाई तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर खरीदने की योजना बनाई है।
उत्तरी भारत में यह पहली इतनी ऊंचाई तक जाने वाली हाइड्रोलिक लैडर होगी।
अगर सब कुछ सही रहा तो इसी साल यह सुविधा वीआईपी जिले मोहाली को मिल जाएगी। दमकल विभाग के चीफ फायर अफसर मोहन पाल ने इसकी पुष्टि की है। इसको मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक राजधानी चंडीगढ़ से सटे वीआईपी जिले मोहाली में अब नामी कंपनियों की ओर से अलग-अलग हिस्सों में ऊंची-ऊंची इमारतें बनाई जा रही हैं। इनकी ऊंचाई अब 150 से 200 फुट तक पहुंच चुकी है। दूसरी ओर इन इमारतों में रहने वाले लोगों के घरों में अगर आगजनी की घटना हो जाए तो दमकल विभाग के पास अभी 200 फुट ऊंचाई तक ही पहुंचने के लिए हाइड्रोलिक मशीन मौजूद हैं।
इनकी मदद से दमकल विभाग के कर्मचारी ऊंची इमारत में ऊपर बने फ्लैट्स में लगी आग को बुझाने का काम करते हैं।
मुंबई के बाद अब मोहाली में होगी 104 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक लैडर
दमकल विभाग के पास अभी 54 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक मशीन उपलब्ध हैं। इनकी मदद से 150 से 200 फुट ऊंची ईमारत में स्थित घरों में आगजनी की घटनाओं को बुझाने की कार्रवाई की जाती है। जबकि 350 फुट ऊंची लैडर वाली हाइड्रोलिक लैडर अभी महाराष्ट्र के मुंबई शहर में
ही मौजूद हैं। इसके बाद अब दूसरी हाइड्रोलिक मशीन मोहाली दमकल विभाग के बेड़े में शामिल हो जाएगी।
लेनी पड़ती है सेना की मदद
जानकारी के मुताबिक जिले के अलग-अलग हिस्सों में स्थित ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के घर में आगजनी की घटना हो जाए तो दमकल विभाग की ओर से पानी की बौच्छारें करके आग को बुझाने का प्रयास किया जाता है। अगर आग ज्यादा बड़ी हो तो दमकल विभाग के लिए सेना की मदद भेजी जाती है, जिसकी मदद से आग को बुझाने के प्रयास किए जाते हैं। दूसरी ओर, जीरकपुर के गोदाम क्षेत्रों में नामी कंपनियों के गोदाम मौजूद हैं और इनमें भड़कने वाली आग को बुझाने के लिए दमकल विभाग को एयरफोर्स की मदद लेनी पड़ी थी।
यह हैं शहर की सबसे ऊंची इमारतें
जानकारी के मुताबिक वीआईपी जिले मोहाली की पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स सोसायटी, गिल्को हाईट्स, डेराबस्सी में एसबीपी हाउसिंग पार्क और एटीएस के नाम शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इनकी ऊंचाई 150 से 200 फुट तक है। जबकि इनके अलावा खरड़ में गुलमोहर
हाईट्स और न्यू चंडीगढ़ में एमएलए फ्लैट भी इसमें शामिल है, इनकी ऊंचाई 200 से 250 फुट तक रखी गई है।