कोविड-19 को मात देने व पुलिस मुलाजिमों को कोरोना से बचाने के लिए मोहाली पुलिस ने नई पहल की है। इसके तहत अब जो भी लोग किसी भी आरोप में पकड़े जाएंगे, उनका पुलिस कोरोना टेस्ट करवाएगी। यह सारी प्रक्रिया उसी दौरान होगी, जब आरोपियों को जेल भेजने से पहले उनका मेडिकल करवाया जाता है।
सिविल सर्जन मोहाली डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से उन्हें सूचना दी जाती है, जिसके बाद उनकी टीम द्वारा आरोपियों का कोरोना टेस्ट किया जाता है। वहीं जब तक कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक आरोपियों को अन्य लोगों के संपर्क से अलग रखा जाता है।
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले देखने में आया था कि कई गैंगस्टरों को जब पुलिस कस्टडी में लिया गया तो उनका टेस्ट करवाने पर वह कोरोना पॉजिटिव आए थे। इसके बाद उनसे पूछताछ करने वाले कई सीनियर पुलिस अधिकारियों को होम क्वारंटीन होना पड़ा था। इसके बाद यह मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा था।
इसके बाद से पुलिस मुलाजिमों की सुरक्षा को देखते हुए कोरोना टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया था। इतना ही नहीं अब जेलों में स्पेशल स्क्रीनिंग सेंटर तक बनाए गए हैं। जहां पर कैदियों को भर्ती करवाने से पहले उनकी सेहत से जुड़ी सारी जानकारी हासिल की जाती है।
वहीं, पुलिस के इस प्रयास को काफी सराहा भी जा रहा है। इस संबंधी समाज सेवी अतुल शर्मा का कहना है कि पुलिस वाले हमारे फ्रंट लाइन कमांडो हैं। इनकी सेहत की देखभाल जरूरी है। आरोपियों का टेस्ट करवाया जाना एक बढ़िया प्रयास है। जिक्रयोग है कि मोहाली में अब तक कोरोना के 112 मामले चुके हैं। इनमें से सात केस एक्टिव हैं, जबकि 102 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं और तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।