मोहाली। नए सेक्टरों में पानी के महंगे दामों के मामले की शुक्रवार को जिला लोक अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान नगर निगम की ओर से लीगल एडवाइजर पेश हुए और नगर निगम का पक्ष अदालत के सामने रखा। लेकिन स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर और गमाडा सीए अदालत में पेेश नहीं हुए। जिसके बाद अदालत ने दोनों को 21 सितंबर के सम्मन भेजे हैं और अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
इस मौके पर पूर्व पार्षद बॉबी कंबोज, पूर्व अकाली पार्षद राजिंदर कौर कुंभड़ा ने बताया कि नए सेक्टरों में पानी के रेट काफी महंगे हैं। जबकि नगर निगम के अधीन आने वाले एरिया में पानी के दाम काफी कम हैं। यह सीधे ही लोगों को लूटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से गमाडा से पानी का प्रबंध नगर गिनम के अधीन लाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया था। जिसे मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को भेजा गया था। जिसे अभी तक पेंडिंग रखा हुआ है। मजबूरी में उन्हें अदालत की की शरण लेनी पड़ी। इस मौके सतबीर सिंह धनोताअ, सुरिदर सिंह रोडा, राजिंदर कौर कुंभड़ा, हरमेश सिंह कुंभड़ा, रजनी गोयल समेत कई लोग हाजिर थे।
पुराने के मुकाबले नए सेक्टरों में पांच गुना ज्यादा पानी के रेट
इलाके के लोगों ने बताया कि मोहाली शहर में पानी के दो तरह के रेट हैं। मोहाली का पुुराना शहर का वाटर सप्लाई का सिस्टम नगर निगम के अधीन है। ऐसे में वहां के सेक्टरों में पानी के बिल का रेट 1.80 रुपये है। जबकि गमाडा के अधीन आने वाले नए सेक्टरों में पानी का रेट प्रति हजार लीटर 9.80 है। यानी कि यहां सीधे पांच गुना अधिक रेट लोगों से वसूले जा रहे हैं। लोग इस वजह से आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं।
पानी के रेटों में कटौती के लिए लोगों ने किया संघर्ष
मिली जानकारी के मुताबिक पानी के रेटों में कटौती करने के लिए काफी समय से नए सेक्टरों के लोग संघर्ष कर रहे हैं। इतना ही नहीं बाकायदा गमाडा दफ्तर के बाहर इलाके के लोगों ने रोष प्रदर्शन भी किया है। लेकिन इसके बावजूद भी इस मामले में अभी तक कुछ नहीं बन पाया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कोई भी ऐसा तरीका नहीं छोड़ा है। जिससे कि वह अपनी मांग को न मनवा पाएं, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। लोगों का कहना है कि महीने का दो से तीन हजार तक पानी का बिल आ रहा है।
यह एरिया होंगे प्रभावित
बता देें कि पानी के ऊंचे रेटों की वजह से गमाडा के बसाए गए नए सेक्टरों के लोग सबसे ज्यादा परेशानी में है। इसमें सेक्टर-76 से अस्सी, 66 से 70, एयरोसिटी, आईटी सिटी समेत कई एरिया शामिल हैं। जबकि इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा जनसंख्या है। लोगों को घर का खर्च तक निकालने में काफी मुश्किल आ रही है।