जीरकपुर। शहर में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े दो घटनाक्रमों से निकाय चुनाव का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। दरअसल शुक्रवार को पार्टी हाईकमान ने दो वरिष्ठ नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसपाल सिंह (सरपंच) और जीरकपुर महिला मोर्चा (शहरी) की पूर्व प्रधान अंजू शर्मा के खिलाफ कार्रवाई कर नोटिस भेजा है। जिसमें उनसे निकाय चुनाव के दौरान विरोधी पार्टी के नेता के हक में प्रचार करने संबंधी एक दिन में जवाब देने के लिए कहा गय है। इसी तरह अंजू शर्मा को टिकट न मिलने पर बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने के आरोप में पार्टी की सदस्यता रद्द करते हुए निष्कासित कर दिया है।
सांसद महारानी परनीत कौर से थे गहरे रिश्ते
जानकारी के मुताबिक 2015 में भाजपा को अलविदा कहकर अंजू शर्मा ने महारानी परनीत कौर की अध्यक्षता में कांग्रेस का हाथ थामा था। यहां उन्हें जीरकपुर महिला मोर्चा (शहरी) का प्रधान बना दिया गया था। लेकिन 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अंजू शर्मा ने पार्टी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे दीपेंद्र ढिल्लों के साथ काम करने के बजाय घर बैठ गई थीं और ढिल्लों का हरमंच पर विरोध शुरू कर दिया था। वहीं, जब निकाय चुनाव के टिकट बांटे गए तो अंजू को ढिल्लों ग्रुप से टिकट नहीं मिली। इस पर अंजू शर्मा बतौर निर्दलीय उम्मीदवार वार्ड-4 से खड़ी हो गई। इसका सीधा फायदा शिअद उम्मीदवार को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर, पार्टी हाईकमान ने अंजू शर्मा की इस हरकत के बाद उनके खिलाफ पार्टी का अनुशासन तोड़ने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।
मुख्यमंत्री के करीबियों में थे जसपाल सिंह
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसपाल सिंह (सरपंच) लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए थे और उनका नाम पंजाब के मुख्यमंत्री के करीबियों में था। क्योंकि जीरकपुर में जब भी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होता तो मुख्यमंत्री सबसे पहले जसपाल सिंह की कोठी पहुंचते थे और यहां से उनके साथ कार्यक्रम में जाते थे। इस दौरान उनकी कुर्सी हमेशा मुख्यमंत्री के साथ लगती थी। निकाय चुनाव में जसपाल अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। उनके बेटे को टिकट नहीं मिला तो जसपाल शिअद उम्मीदवार के हक में वोट की अपील करने लगे। वहीं, मामले संबंधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसपाल सिंह से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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हमनें इतने साल पार्टी में रहकर सेवा की और आज जब पार्टी के टिकट देने की बारी आई तो दूसरों को टिकट देकर हमें नजरअंदाज कर दिया गया। पार्टी से निष्कासित होने का उन्हें कोई गम नहीं हैं, क्योंकि वे लोगों की सेवा में लगी हुई हैं और ऐसे ही लगी रहेंगी।
-अंजू शर्मा, पूर्व प्रधान, जीरकपुर, कांग्रेस महिला मोर्चा (शहरी)।
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इस मामले में नोटिस मिलने के बाद मैंने अपना जवाब तैयार कर लिया है। यह जवाब शनिवार को दोपहर 2 बजे होने वाली मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ बैठक में मुलाकात के दौरान उन्हें सौंप दिया जाएगा। - जसपाल सिंह, सरपंच