मोहाली। फैशन की दुनिया में हिमाचल प्रदेश के सोलन की 27 वर्षीय बेटी सौम्या ठाकुर देश का नाम रोशन करेंगी। मैक्सिको के रोसारिटो में 23 अक्तूबर से शुरू होने जा रही सात दिवसीय ‘मिस व्हीलचेयर वर्ल्ड-2022’ में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जन्म से ही दिव्यांग सौम्या ने अपनी शारीरिक बाधाओं को अपने जीवन के किसी भी मोड़ पर कभी आड़े नहीं आने दिया।
सौम्या वर्तमान में मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में एचआर प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही वह अपने ब्यूटी पैशन को भी बखूबी संभाल रही हैं। उनकी छठी तक की पढ़ाई सोलन में हुई। वहां पर मॉल रोड पर स्थित वेदांता मॉल के सामने उनका घर है। वहां से उनका परिवार पंचकूला आ गया और यहां पर करीब 15 साल से सेक्टर-4 में रहा। यहां नजदीक ही सतलुज पब्लिक स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की है। इसके बाद सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज से उन्होंने बीसीए की। बीसीए के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से एमबीए की। पिता राजिंदर ठाकुर हिमाचल प्रदेश में एक्साइज विभाग से सेवानिवृत्त होकर पत्नी सरिता ठाकुर (गृहिणी) और बेटी सौम्या के साथ जीरकपुर के पीरमुछल्ला इलाके में वृंदावन गार्डन सोसायटी में रह रहे हैं।
सौम्या ने बताया कि इस वर्ष भारत से 151 प्रतिभागियों के साथ उन्होंने उक्त प्रतियोगिता के लिए आवेदन किया था। यह प्रतियोगिता अक्तूबर में मैक्सिको स्थित रोसारिटो में होने जा रही है। इसमें भारत सहित ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, मलयेशिया, नीदरलैंड, स्पेन, रूस और यूक्रेन सहित करीब 30 अन्य देश हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन मैक्सिको सरकार से प्रमाणित जैडिना टाका फाउंडेशन की ओर से किया जाता है। कई दौर के इंटरव्यू और मैक्सिको की एक मैगजीन में छपे इंटरव्यू के बाद इसमें आवेदन करने वाले प्रतिभागी को हिस्सा लेने का मौका मिलता है।
प्रतियोगिता के लिए अरजाई डिजाइन कर रही कॉस्ट्यूम
निफ्ट में हुई पत्रकार वार्ता में (एनआईएफएफटी) संस्थान की 2003 की एलुमनी और अरजोई संस्था की संचालक मिस जश्न ने बताया कि वह मैक्सिको में होने वाली प्रतियोगिता के लिए सौम्या के सभी कॉस्ट्यूम मुफ्त में बना रही हैं। उनकी माता कंवल कौर ने 70 साल की उम्र में मुझे सहयोग करते हुए यह इंटरप्रिन्योरशिप शुरू करवाया। पिता की मौत के बाद मां ने हिम्मत से काम लेते हुए उन्हें पढ़ालिखा कर इस मुकाम पर पहुंचाया। उन्हें जब पता चला कि सौम्या विश्व स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी और दिक्कत यह है कि उनके पास प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बढ़िया कॉस्ट्यूम बनवाने का खर्च उठाने की शक्ति नहीं है और सरकार भी उनकी मदद नहीं कर रही है तो वह उनके लिए खुद को आगे आने से नहीं रोक सकी। इस दौरान मुख्य मेहमान के तौर पर आईएएस सिब्बन सी, सेक्रेटरी कम डायरेक्टर इंडस्ट्री और कॉमर्स पंजाब और डायरेक्ट जनरल निफ्ट ने शिरकत की। वहीं गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर विश्व बंधू मोंगा, ज्वाइंट डायरेक्टर पॉलिसी इंपलीमेंटेशन यूनिट पंजाब और डायरेक्टर निफ्ट, निफ्ट की मोहाली और लुधियाना की प्रिंसिपल डॉ. पूनम अग्रवाल ठाकुर मौजूद रहीं।
जीवन में रहा संघर्ष, कार हादसे में हुई थी गंभीर घायल
सौम्या ने बताया कि वह लोकोमोटर डिसेबिलिटी और स्कोलियोसिस से ग्रस्त हैं। इस कारण उनकी टांगों की मांसपेशियां कमजोर हैं और वह शरीर का भार नहीं उठा सकतीं। इसके लिए उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। बावजूद इसके सौम्या ने जीवन में हार न मानते हुए अपनी शिक्षा पूरी की और अपने माता-पिता पर बोझ न बनते हुए अपने कॅरिअर को आयाम दिया। दो साल पहले नौकरी पर जाते समय हुए एक कार हादसे में भी वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
सरकार से मदद की अपील
सौम्या ठाकुर ने बताया कि इस तरह के कॉटेस्ट में जाने के लिए लाखों रुपयों की जरूरत होती हैं। ऐसे में सरकार और एनजीओ से अपील करना चाहती हूूं कि वह मेरी मदद के लिए आगे आएं। पहले अपने कॉस्ट्यूम डिजाइन कर लेती थीं, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के इवेंट में हिस्सा लेने के लिए प्रोफेशनल डिजाइनर की जरूरत है। इसके लिए भी पैसा चाहिए होगा।
11 दिन की थी तो हिल गया था कूल्हा
सौम्या की मां सरिता ठाकुर ने बताया कि बेटी के पैदा होने के बाद 11वें दिन घर में पूजा चल रही थी। दाई ने उसकी मालिश की तो उसके जांघें जोर से दबा दीं। जब दाई से बेटी ली तो देखा जांघों पर उंगलियों से अधिक दबाने के निशान थे। डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि टांगों में फ्रैक्चर है। डॉक्टर ने जोड़ने के लिए टांग को झटका मारा तो कूल्हा अपनी जगह से हिल गया। इसके बाद उसे काफी जगह पर दिखाया पर लेकिन फायदा नहीं हुआ। दिल्ली स्थित एम्स के डॉक्टरों ने तो यहां तक कह दिया कि वह छह माह से ज्यादा नहीं जी पाएगी। लेकिन मुझे (आकाश की ओर देखते हुए) भगवान पर भरोसा था क्योंकि उससे बड़ा डॉक्टर कोई नहीं है। भगवान के आशीर्वाद से आज बेटी इस मुकाम तक पहुंची है।
संस्थान ने प्रतियोगिता के लिए दिए चार आउटफिट
नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफएफटी) संस्थान मोहाली ने अरजोई ब्रां, के सहयोग से सौम्या ठाकुर को विशेष रूप से डिजाइन के चार परिधान (आउटफिट) सौंपे हैं। इनमें वेस्टर्न कॉकटेल ईवनिंग वियर सेमी फॉर्मल प्रेजेंटेशन डिनर के लिए, वेस्टर्न गाउन फॉर्मल गाला डिनर के लिए, पारंपरिक गाला आउटफिट देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए और एक साड़ी एयरपोर्ट लुक के लिए दी है। इस दौरान निफ्ट के विशेषज्ञों ने दिव्यांगों के लिए परिधान तैयार करने में पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की। संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. पूनम अग्रवाल ठाकुर ने कहा कि निफ्ट में विशेष जरूरतों वाले लोगों के लिए डिजाइनिंग पर एक विषय पढ़ाया जाता है, यहां छात्र शारीरिक और मानसिक दिव्यांगों के शोध के बाद परिधान तैयार करते हैं। वर्षों तक दिव्यांगों और विशेष जरूरतमंद लोगों को अपने वस्त्रों में खुद ही सुधार करवाना पड़ता था, क्योंकि उनके वस्त्रों का डिजाइन करना आसान नहीं था। संस्थान में छह तरह के कार्स करवाए जाते हैं, इनमें दाखिले की आखिरी तारीख 25 अक्तूबर है।