मोहाली। नगर निगम ने फेज-6 से लेकर फेज-11 तक पूरे हिस्से को नो वेंडिंग जोन घोषित कर रखा है, लेकिन अब यह नो वेंडिंग जोन सिर्फ नाम का जोन बन कर रह गया है। वीआईपी सिटी मोहाली में खुलेआम रेहड़ी-फड़ी चालक नो वेंडिंग जोन का उल्लंघन कर रहे हैं। दुकानदारों ने अतिक्रमण निषेध बोर्ड के ठीक नीचे अवैध अतिक्रमण कर लिया है। अब यह बात सामने आ रही है कि अगर शहर को नो वेंडिग जोन घोषित किया गया था तो इसका पालन क्यों नहीं हो रहा है।
शहर में जिस जगह में नो वेंडिग जोन के बोर्ड लगे हैं, उनमें से कुछ स्थानों का दौरा किया गया। फेज 7 में देखा गया की मुख्य पार्किंग में तो एक नारियल विक्रेता ने न केवल फुटपाथ के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया है, बल्कि अपने आवंटित जगह से भी आगे निकल गया है। उसने पार्किंग में फेंके नारियलों के ढेर लगा दिए हैं, ठेले खड़े कर दिए हैं और नो वेंडिंग जोन बोर्ड के नीचे एक तंबू भी लगा दिया है। फेज-4 में बोगेनविलिया पार्क के बाहर तो रेहड़ी फड़ी वालों के कब्जे से सड़क पूरी तरह से जाम दिखी। वहीं फेज 5 की मार्केट में दुकानदार द्वारा बोर्ड के नीचे ही अपना कब्जा किया हुआ था। इसी तरह फेज 6 में फल विक्रेता ने अपनी रेहड़ी भी बोर्ड के साथ सजाई हुई थी और फेज 7 के अलावा फेज 11 में भी रेहड़ी फड़ी वालों ने कब्जा कर रखा था।
यह बोले लोग
नगर निगम की आलोचना करते हुए पूर्व पार्षद अशोक झा ने कहा कुछ रुपयों की खातिर एक नगर निगम अपने ही नियमों का उल्लंघन कैसे कर सकता है। फेज 4 के निवासी ईश कुमार और फेज 10 के निवासी मनमोहन सिंह सग्गू ने नगर निगम से पूछा है कि क्या नो वेंडिंग जोन केवल कागजों पर ही है या वास्तव में भी है। अगर यहां कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार रहेगा।
अवैध अतिक्रमणों से लग रहा जाम
अतिक्रमण के कारण अक्सर यातायात जाम हो जाता है। इससे सड़क दुर्घटना हो जाती हैं क्योंकि ग्राहक नारियल पानी पीने, सड़क किनारे ठेलों से कुछ खाने, फूल खरीदने और सड़क पर फेंकने के लिए सड़क किनारे अपनी गाड़ियां रोक देते हैं। इसी प्रकार फेज 4 में बोगेनविलिया पार्क के बाहर भी कई खाद्य पदार्थ के स्टॉल लगे हुए हैं। दोपहर तक वहां इतनी भीड़ हो जाती है कि लोग अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर देते हैं, जिससे पूरी तरह से ट्रैफिक जाम हो जाता है। यहां पर स्टाल लगाने वाले एक दुकानदार ने नगर निगम दफ्तर में जाकर हंगामा भी किया था।
नगर निगम समय-समय पर उन्हें हटाते हैं, लेकिन वे फिर से आ जाते हैं। जल्द ही नए सिरे से कार्रवाई की जाएगी। नो वेंडिंग जोन में जो भी विक्रेता बिक्री कर रहे हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा। - मनप्रीत सिंह, सहायक आयुक्त, नगर निगम