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सात माह से नहीं मिला वेतन: सफाई कर्मी ने किया आत्मदाह, बेटा बोला-पैसा मांगने पर प्रताड़ित किया जाता था

Mon, 02 Nov 2026 11:04 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, खरड़

सार

मृतक के बेटे ने कहा कि उसके पिता सोमदत्तज लैंडमार्क अपार्टमेंट सोसायटी में घरों से कूड़ा उठाने का काम करता था, लेकिन पिछले सात महीने से उसे वेतन नहीं दिया जा रहा था। उसका पिता अक्सर घर पर सोसायटी में काम के दौरान उसके साथ कथित तौर पर की जा रही बदसलूकी और प्रताड़ना के बारे में बताता था।
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suicide - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लांडरां-खरड़ रोड स्थित सेक्टर-116 की सोमदत्तज लैंडमार्क अपार्टमेंट सोसायटी के मुख्य गेट के सामने 22 अक्तूबर को खुद को आग लगाने वाले गांव संतेमाजरा निवासी व्यक्ति की मौत हो गई है। 
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उसे गंभीर हालत में पहले सिविल अस्पताल खरड़, फिर मोहाली और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था, जहां 30 अक्तूबर को उसने दम तोड़ दिया।

मृतक के बेटे मन्नत उर्फ मन्नू निवासी संतेमाजरा ने पुलिस को दिए बयान में सोसायटी के मैनेजर गुरवेल सिंह, नगर परिषद के सुपरवाइजर गुरविंदर सिंह और चूहर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसका पिता सोमदत्तज लैंडमार्क अपार्टमेंट सोसायटी में घरों से कूड़ा उठाने का काम करता था, लेकिन पिछले सात महीने से उसे वेतन नहीं दिया जा रहा था। उसने बताया कि उसका पिता अक्सर घर पर सोसायटी में काम के दौरान उसके साथ कथित तौर पर की जा रही बदसलूकी और प्रताड़ना के बारे में बताता था।
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मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति उसके पिता को एक कमरे में ले जाकर कथित तौर पर बिजली का करंट लगाते थे और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे अपमानित करते थे। उसने बताया कि सात महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब हो गई थी। घर के जरूरी सामान के लिए दुकानदारों से लिया गया उधार चुकाने में असमर्थ होने के कारण दुकानदार भी घर आकर पैसे मांगने लगे थे।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके पिता ने कई बार सोसायटी के मैनेजर और अन्य संबंधित व्यक्तियों से अपनी बकाया तनख्वाह मांगी थी, लेकिन वेतन देने के बजाय कथित तौर पर उसे बेइज्जत किया जाता था।

मन्नत ने पुलिस को बताया कि 22 अक्तूबर को उसके पिता सोसायटी के मुख्य गेट पर पहुंचे और कहा कि वह आज अपने सात महीने के बकाया वेतन लेकर ही जाएंगे। इसके बाद उन्होंने अपने पास मौजूद एक लीटर की प्लास्टिक बोतल से तारपीन का तेल अपने ऊपर छिड़ककर आग लगा ली। सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से आग बुझाई गई, लेकिन तब तक उनका शरीर काफी हद तक झुलस चुका था।

पुलिस ने प्राप्त बयानों के आधार पर सोसायटी मैनेजर गुरवेल सिंह, नगर परिषद के सुपरवाइजर गुरविंदर सिंह और चूहर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और 3(5) सहित एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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