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पंजाब: केएलएफ के इशारे पर की गई थी शौर्य चक्र विजेता की हत्या, आठ आतंकियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर

Tue, 27 Apr 2021 08:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

एनआईए के मुताबिक भिखारीवाल गैंग ने कामरेड संधू की हत्या खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के इशारे पर की थी। इस मामले में एनआईए ने जांच के बाद आतंकवादियों, नशा तस्करों और गैंगस्टर्स के बीच मजबूत गठजोड़ होने का दावा किया है।
 
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कामरेड बलविंदर संधू। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब के भिखीविंड में शौर्य चक्र विजेता कामरेड बलविंदर सिंह संधू की हत्या के आरोप में सुख भिखारीवाल गैंग के आठ आतंकियों के खिलाफ एनआईए ने मंगलवार को चार्जशीट दायर कर दी। एनआईए के मुताबिक भिखारीवाल गैंग ने कामरेड संधू की हत्या खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के इशारे पर की थी। इस मामले में एनआईए ने जांच के बाद आतंकवादियों, नशा तस्करों और गैंगस्टर्स के बीच मजबूत गठजोड़ होने का दावा किया है।

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16 अक्तूबर, 2020 को कामरेड बलविंदर सिंह संधू की उनके घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पंजाब में आतंकवाद के दौर में आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला करने के लिए कामरेड संधू को शौर्य चक्र से नवाजा गया था। इस हत्याकांड में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और पाकिस्तान में छिपकर बैठे स्वयंभू कमांडर लखवीर सिंह रोडे का नाम सामने आने के बाद जनवरी में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। 
 

एनआईए ने इसी साल 26 जनवरी को केस दर्ज कर इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी थी। एनआईए 2016 से 2017 के बीच खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का निशाना बन चुके सात लोगों से जुड़े मामलों की जांच कर चुकी है।

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लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए हुई थी कामरेड संधू की हत्या

एनआईए ने 27 अप्रैल को मोहाली की विशेष एनआईए अदालत में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के साथ गठजोड़ कर कामरेड संधू की हत्या के आरोप में सुख भिखारीवाल गैंग के सरगना सहित आठ आतंकियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि कामरेड बलविंदर सिंह संधू की हत्या देश के नागरिकों के मन में आतंक पैदा करने के इरादे से की गई थी। इसकी योजना पाकिस्तान में बैठे केएलएफ के स्वयंभू कमांडर लखवीर सिंह रोडे ने बनाई थी। उसी के इशारे पर सुख भिखारीवाल गैंग के शूटर्स को हथियार, पैसा और छिपने के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई थी। 

केएलएफ ने गुरदासपुर के गैंगस्टर सुख भिखारीवाल और उसके गैंग को हथियार और पैसा देकर अपने साथ मिला लिया था। भिखारीवाल गैंग केएलएफ के इशारे पर काम करता था और दोनों में सोशल मीडिया और ऐप के जरिए संपर्क होता था। कामरेड संधू की हत्या में भी इसी तरह के संचार साधनों का इस्तेमाल हुआ था। भिखारीवाल गैंग के शूटर गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह भूरा को हत्याकांड की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एनआईए अभी इस मामले में लखवीर सिंह रोडे और विदेशों से फंडिंग करने वालों की जांच कर रही है। 

मामले में जोड़ीं यह धाराएं
मोहाली की एनआईए की खास अदालत में मंगलवार को जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दायर किया। इस हत्याकांड में सुख भिखारीवाल गैंग के सरगना सहित आठ आतंकियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 201, 302, 25 (1 बी), 27 आर्म्स एक्ट, धारा 16, 17, 18, 18बी, 20 सहित यूए (पी) अधिनियम की धारा 23, 38, 39 और 40 (1) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें गैंग के सरगना गुरदासपुर निवासी सुखमीत पाल सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल सहित गुरदासपुर के ही गांव लखनपाल के सुखराज सिंह उर्फ सुक्खा, गांव खरल के सुखदीप सिंह उर्फ भूरा, गांव लखनपाल के गुरजीत सिंह, लुधियाना के हुसैनपुरा के रहने वाले रविंदर सिंह उर्फ रवि ढिल्लों, लुधियाना सलेम टाबरी के अकाशदीप अरोड़ा उर्फ धालीवाल, लुधियाना बस्ती जोधेवाल का जगरूप सिंह और तरनतारन के इंद्रजीत सिंह को नामित किया गया है।
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