जीरकपुर। नगर परिषद को नए प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान और उपप्रधान मिल गए हैं। वार्ड-31 से पार्षद गुरप्रीत विर्क को प्रधान चुना गया है। लोहगढ़ के वार्ड-21 से गुरविंदर रंगी वरिष्ठ उपप्रधान और भबात के वार्ड-28 से जसप्रीत कौर उपप्रधान बनी हैं। बुधवार को इन तीनों की नियुक्ति आम आदमी पार्टी के बहुमत के बाद हुई है। यह चुनाव उपमंडलीय दंडाधिकारी (एसडीएम) और संयोजक अमित गुप्ता की देखरेख में हुआ। इसमें विधायक कुलजीत रंधावा भी शामिल हुए। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को मुंह मीठा कराकर बधाई दी।
विधायक रंधावा ने पत्रकारों से बातचीत में पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नगर परिषद की प्रधानगियां पैसों के बल पर बिकती थीं। रंधावा ने कहा कि अकेली आम आदमी पार्टी की सरकार है, जिसमें परिवारवाद और पैसों के बल पर नहीं, बल्कि दल के लिए दिन-रात काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पदों से नवाजा जाता है। ये तीनों पदाधिकारी मिलकर जीरकपुर में विकास कार्यों में तेजी लाने का काम करेंगे। नगर परिषद के सभी पार्षदों की बैठक संयोजक अमित गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी इकतीस नवनियुक्त पार्षद शामिल हुए। सबसे पहले एसडीएम द्वारा संविधान की शपथ दिलाई गई। इसके बाद प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान और उपप्रधान के चयन को लेकर बैठक शुरू हुई।
चुनाव प्रक्रिया और जताई सर्वसम्मति
बैठक के दौरान वार्ड-19 से पार्षद रजिंदर राजा ने प्रधान पद के लिए वार्ड-31 के पार्षद गुरप्रीत विर्क के नाम का प्रस्ताव रखा। आम आदमी पार्टी के सभी 15 पार्षदों ने मेज पर हाथ थपथपाकर इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। इसके ठीक बाद वरिष्ठ उपप्रधान पद के लिए वार्ड-21 से गुरविंदर रंगी का नाम पेश किया गया। इसे भी आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों ने सहमति दी। अंत में उपप्रधान पद के लिए वार्ड-28 से जसप्रीत कौर का नाम प्रस्तावित हुआ। आम आदमी पार्टी के पंद्रह पार्षदों ने सहमति प्रदान करते हुए तीनों प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। तीनों पदों की नियुक्तियां होने के बाद समर्थकों ने फूलों की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
विधायक रंधावा ने पिछली सरकारों पर साधा निशान
विधायक कुलजीत रंधावा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के जो नए प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान और उपप्रधान चुने गए हैं, उनका पृष्ठभूमि परिवारवाद से नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ये पद पैसों वाले लोगों को नहीं मिले हैं। विधायक का निशाना खासकर शिअद और कांग्रेस दल के नेताओं पर था। उन्होंने पूर्व विधायक एनके शर्मा का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी सत्ता के दौरान अपने भाई यादविंदर शर्मा और धरमिंदर शर्मा को पार्षद बनाया था। इसी तरह, कांग्रेस दल के हलका इंचार्ज दीपइंदर ढिल्लों ने 2021 में अपने बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों को प्रधान बनाया था।
जीरकपुर में राजनीतिक बदलाव
2025 के निकाय चुनाव में शिअद-भाजपा गठबंधन ने मिलकर बहुमत हासिल किया था। उस समय बलटाना से जीतकर आए पूर्व प्रधान कुलविंदर सिंह सोही को प्रधान पद की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद 2021 में हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस को लोगों ने बहुमत दिया। कांग्रेसी नेता दीपइंदर ढिल्लों ने जीरकपुर के किसी पार्षद को प्रधान पद न देकर अपने बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों को प्रधान बनाया था। लेकिन 2026 में आम आदमी पार्टी ने सोलह सीटें अकेले जीतकर बहुमत हासिल किया। इसी के परिणामस्वरूप बलटाना से जीतकर आए पार्षद गुरप्रीत विर्क को प्रधान पद से नवाजा गया है।