मोहाली। आर्थोपेडिक्स क्षेत्र में नई खोज मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए वरदान बनी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है। यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव कुमार राहुल ने कही। वह मेडिकल कॉलेज में आयोजित आर्थोपेडिक सर्जनों के अंतर-राज्यीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 29वें वार्षिक पंजाब आर्थोपेडिक्स सम्मेलन में 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न राज्यों के कई प्रतिष्ठित आर्थोपेडिक्स सर्जन और स्वास्थ्य पेशेवर शामिल थे, जिन्होंने अपने बहुमूल्य विचार और अनुभव सांझा किए। कुमार राहुल ने आर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान और रोगी देखभाल को बढ़ाने की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
चिकित्सा प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रही प्रगति को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में नई खोजें मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए वरदान हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे मंच सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों को और बेहतर बनाने में कारगर साबित होंगे। पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार विशिष्ट भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
एम्स की प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती ने बताया कि यह सम्मेलन एम्स मोहाली के आर्थोपेडिक्स विभाग और एम्स मोहाली ऑर्थोपेडिक रिसर्च एंड एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से आयोजित किया गया था, जिसकी पूरी व्यवस्था आर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. अनुपम महाजन के नेतृत्व में की गई।