एक अप्रैल तक बाहर आ जाएंगे नवजाेत सिंह सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर और बादलों ने रची थी साजिश
नवजोत कौर सिद्धू कैंसर की दूसरी स्टेज के इलाज के लिए पहुंचीं डेराबस्सी के निजी अस्पताल
बोलीं- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कोई मदद नहीं की, चरित्र प्रमाणपत्र देने की फाइल गुमा दी
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। कांग्रेस नेता एवं पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया है कि जिस मामले में उनके पति सिद्धू को फंसाया गया है, उसमें उनकी कोई गलती नहीं है। मृतक बुजुर्ग के बेटे ने स्वीकार किया है कि सिद्धू ने उसके पिता को छुआ तक नहीं था। उनके पास इसके सभी सबूत हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करने वाले सिद्धू को साजिश के तहत फंसाया गया है, जबकि बदमाश बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादलों ने रची है, और उन्हीं ने सिद्धू को जेल भेजा है।
यह बात नवजोत कौर सिद्धू ने बुधवार को उस समय कही जब वह अपना इलाज करवाने के लिए डेराबस्सी के एक निजी अस्पताल में पहुंचीं। वह कैंसर की दूसरी स्टेज में हैं और इसी के इलाज के लिए ही वे यहां आई थीं। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बारे में कहा कि उनके पति की बेगुनाही का सबूत देने के बाद मुख्यमंत्री मान से मांग की गई थी कि वह नवजोत सिंह सिद्धू का चरित्र प्रमाणपत्र दें, ताकि उनकी सजा माफ की जा सके। लेकिन उन्होंने लिखने की जगह फाइल को ही गुम कर दिया। उन्होंने दावा किया है कि नवजोत सिंह सिद्धू के एक अप्रैल तक जेल से बाहर आने की पूरी उम्मीद है।
इसके साथ नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि जेल से बाहर आते ही उनके पति सिद्धू पहले की तरह पंजाब और लोगों के लिए लड़ते रहेंगे। वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले में सरकार के साथ हैं। अगर उन्होंने कोई कार्रवाई की है तो उनके पास कोई पक्की जानकारी होगी।