मोहाली नगर निगम की मीटिंग में शहर के विभिन्न सेक्टरों में खस्ताहाल सिक्योरिटी गेट को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बाद छह माह बीतने के बाद भी गेट नहीं हटाए गए हैं। आए दिन गेट हादसों को न्योता दे रहे हैं।
इसी मामले में अब पार्षद कुलजीत सिंह बेदी भी सामने आ गए हैं।
उन्होंने मेयर कुलवंत सिंह को पत्र लिख कर इन गेटों को तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में साफ लिखा है कि अगर सिक्योरिटी गेट 15 दिन में नहीं हटाए गए तो वह खुद कार्रवाई शुरू करेंगे। लोगों को साथ लेकर जेसीबी की मदद से गेट हटवा कर उसे स्टोर रूम में पहुंचाएंगे।
पार्षद बेदी ने बताया कि नगर निगम में सिक्योरिटी गेटों को हटाने संबंधी प्रस्ताव जनवरी में पास किया गया था। लेकिन मामला अब भी अधर में है। एक तरफ जहां सिक्योरिटी गेट शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं। वहीं, हर समय हादसों का खतरा भी बना रहता है।
उन्होंने बताया कि वह इस मामले को एसई के ध्यान में लाए थे, फिर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बेदी ने पत्र में कहा है कि प्रस्ताव पास होने के छह माह बाद भी काम इस तरह लटक जाना नगर निगम की कारगुजारी पर सवाल उठाता है। बेदी ने बताया कि पंचकूला में गेट गिरने से कुछ समय पहले ही एक बच्चे की मौत हो गई थी। पता नही निगम किस हादसे का इंतजार कर रहा है।
39 गेट लगाए गए थे पूरे शहर में
जानकारी के मुताबिक करीब छह साल पहले एसएसपी के सुझाव पर निगम ने शहर के विभिन्न 39 जगह पर गेट लगाए थे। इस पर करीब 17 लाख रुपये की लागत आई थी। गेटों पर बाकायदा चौकीदार तैनात किए गए थे। वहीं, एक प्राइवेट कंपनी इनकी देखरेख कर रही थी। कंपनी गेटों पर विज्ञापन लगाकर अपना खर्च निकालती थी।
सिक्योरिटी गार्ड की चली गई थी जान
कुछ समय पहले उक्त सिक्योरिटी गेटों पर एक गार्ड तैनात था। रात के समय कुछ युवाओं की गार्ड से बहस हो गई थी। इस दौरान उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड पर हमला कर दिया था। इससे सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई थी।