चंडीगढ़। रिश्वत लेने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल दिलबाग को सीबीआई की विशेष अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में आरोपी इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला की पिछले साल मौत हो गई थी। वहीं, तीसरे आरोपी हेड कांस्टेबल मुकेश को अदालत ने सबूतों के अभाव से बरी कर दिया था। 9 साल पुराने इस केस में सीबीआई ने दिलबाग के साथ सेक्टर-34 थाने के एसएचओ राजेश शुक्ला और हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया था। सीबीआई के वकील नरेंद्र सिंह ने कहा कि आरोपी कांस्टेबल दिलबाग के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए सीबीआई के पास पर्याप्त सबूत थे। वहीं, मुकेश के वकील गगन अग्रवाल ने बताया कि मुकेश को इस केस में फंसाया गया था। उसने ना ही रिश्वत की डिमांड की थी और ना ही उससे कोई रिकवरी हुई थी।यह था मामला
आरोप के मुताबिक सेक्टर 34 थाना के पूर्व एसएचओ राजेश शुक्ला ने पार्किंग कांट्रैक्टर ललित जोशी को पार्किंग एरिया में शराब पीने के चलते केस दर्ज कर उसका लाइसेंस कैंसिल करवाने की धमकी दी थी। वहीं दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इसकी शिकायत ललित जोशी ने सीबीआई से की। सीबीआई एंटी करप्शन ब्रांच ने ट्रैप लगाकर शुक्ला के अधीनस्थ कर्मी को रिश्वत लेते दबोचा था। आरोप के मुताबिक राजेश शुक्ला ने कांस्टेबल दिलबाग के जरिए रिश्वत की रकम प्राप्त की थी।