मोहाली। एरोसिटी से अपहरण करने के बाद सेवानिवृत्त प्रोफेसर की हत्या के मामले में आरोपी बलजिंदर सिहं भुल्लर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अमरजीत सोहाज को गोली मारी थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि 3 जुलाई को कॉल कर बुलाने के बाद अमरजीत सिंह सोहाज को अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
आरोपियों ने उससे 40 लाख रुपये मांगे लेकिन अमरजीत ने उनको यह रकम देने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपी उसको गाड़ी में बैठाकर मोरनी ले गए। वहां गोली मारने के बाद शव जंगल में फेंककर भाग गए। मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मोरनी के जंगल से लाश बरामद करने के बाद उसका पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
62 वर्षीय अमरजीत सिहाग मूल रुप से हरियाणा सिरसा के रहने वाले थे। इस मामले में अमरजीत सिहाग के बेटे राहुल के बयान पर किडनैपिंग का मामला दर्ज किया था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ हत्या की धाराएं जोड़ दी थी। अमरजीत सिहाग का खुद का आरआर मेमोरियल स्कूल ऐलानाबाद (हरियाणा) और बीएड कॉलेज है। वह सरकारी कॉलेज सिरसा से प्रोफेसर रिटायर्ड हैं। मोहाली में उनका प्रॉपर्टी का कारोबार है और खुद की तीन एकड़ जमीन भी है।