मोहाली। वीआईपी सिटी में नई वार्डबंदी की अंतिम अधिसूचना जारी होने के साथ ही नगर निगम चुनाव की धमक सुनाई देने लगी है। अब दिवाली के बाद कभी भी नगर निगम चुनावों का एलान हो सकता है। स्थानीय निकाय विभाग ने 41 आपत्तियों को खारिज करते हुए नई वार्डबंदी को हरी झंडी दे दी है। हालांकि नई वार्डबंदी पर पहले अकाली दल के पूर्व पार्षद अदालत पहुंच चुके हैं।
वहीं, सर्दियों के साथ ही वीआईपी सिटी में चुनावी गर्मी बढ़ने जा रही है। त्योहारों के बीच नई वार्डबंदी की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद अब अगले कुछ दिनों में निगम चुनावों की औपचारिक घोषणा तय मानी जा रही है। संभावना है कि दिवाली के बाद नबंवर के अंत या दिसंबर की शुरूआत में सरकार निगम चुनावों की घोषणा कर दे।
नई वार्डबंदी के मुताबिक वोटर सूची तैयार करने का काम भी शुरू हो गया है। अगले सप्ताह तक नई वार्डबंदी के हिसाब से वोटर सूची तैयार कर ली जाएंगी। जिसके बाद कभी भी निगम चुनाव की घोषणा हो सकती है। 23 अक्तूबर को नगर निगम मोहाली की प्रस्तावित वार्डबंदी अब अमल में आ गई है। उल्लेखनीय है कि 23 से 30 अक्तूबर तक निगम कार्यालय में नई वार्डबंदी का नक्शा लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया था। जिस पर ऐतराज मांगे गए थे। नई वार्डबंदी को लेकर निगम को 41 ऐतराज मिले थे। जिन्हें ज्वाइंट कमिश्नर ने नोटिंग के साथ स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर को भेज दिया था। निकाय विभाग के सचिव ने सभी ऐतराजों को खारिज करते हुए नई वार्डबंदी के प्रस्तावित खाके को अंतिम रूप दे दिया।
हाईकोर्ट जारी कर चुका है नोटिस
मोहाली नगर निगम की नई वार्डबंदी विवादों से घिरी रही है। विपक्षी पार्टियां मनमानी वार्डबंदी का आरोप सेहत मंत्री पर लगाती आ रही हैं। इसको लेकर अकाली दल के पूर्व पार्षदों का ग्रुप हाईकोर्ट में रिट दायर कर चुका है। प्रस्तावित नई वार्डबंदी पर ऐतराज देने के बाद अकाली दल के पूर्व पार्षद अदालत पहुंचे थे। इन लोगों ने निकाय विभाग के सचिव, मोहाली निगम कमिश्नर और वार्डबंदी बोर्ड को पार्टी बनाते हुए रिट दायर की थी। हाईकोर्ट में याचिका स्वीकार तो कर ली गई, लेकिन स्टे ऑर्डर नहीं दिया। हाईकोर्ट ने निकाय विभाग के सचिव, निगम कमिश्नर और वार्डबंदी को 2 नवंबर को नोटिस जारी कर दिया था। हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद 5 नवंबर को निकाय सचिव ने नई वार्डबंदी की अधिसूचना जारी कर दी, जिसकी कॉपी सोमवार को जारी की गई।
कानूनी राय ले रहे हैं, हमें अदालत पर भरोसा: अकाली दल
नई वार्डबंदी एक ही परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से आए 41 ऐतराज भी अतार्किक ढंग से खारिज कर दिए गए। इस मनमानी वार्डबंदी के खिलाफ हमने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है। हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद आननफानन अधिसूचना की गई है। हम इस पर कानूनी राय ले रहे हैं। हमें अदालत पर भरोसा है। -परविंदर सोहाणा, पूर्व पार्षद अकाली दल
वार्डबंदी में हुई मनमानी, मगर हम तैयार: भाजपा
नई वार्डबंदी सही ढंग से नहीं हुई और इसमें मनमानी की गई है। साफ तौर पर जाहिर है कि ये कवायद चुनावी लाभ लेने के लिए की गई है। मगर मोहाली के वोटर इन सभी हथकंडों को समझते हैं और समय आने पर जवाब भी देंगे। हम सभी वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सभी वार्डों में पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। हमें अपने काम और जनता के साथ पर विश्वास है। -अशोक झा, पूर्व पार्षद भाजपा
निगम चुनाव बहुमत से जीतेंगे: कांग्रेस
नई वार्डबंदी का काम पूरा होने के बाद अब सरकार की ओर से चुनाव की घोषणा किए जाने का इंतजार है। वार्डबंदी को लेकर दाखिल किए गए ऐतराज खारिज होने से साबित हो जाता है कि विरोधियों के ऐतराज बोगस थे। हम निगम चुनावों के लिए तैयार हैं। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू की अगवाई में शहर का विकास हुआ है। पार्टी पूरे बहुमत से मोहाली का निगम चुनाव जीतेगी। -कुलजीत सिंह बेदी, वार्डबंदी बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व पार्षद कांग्रेस