जीरकपुर। नगर परिषद के नवनियुक्त प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क ने अभी तक पदभार नहीं संभाला है। पंजाब सरकार से कामकाज की मंजूरी मिलने के बावजूद उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया है। इस कारण क्षेत्र में पिछले छह महीनों से विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिससे नागरिक परेशान हैं। पदभार न संभालने की मुख्य वजह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक याचिका है। जीरकपुर के लोगों को खस्ताहाल सड़कों, पीने के पानी की कमी, बरसाती पानी की निकासी और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क का मानना है कि वह हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही पदभार ग्रहण करेंगे। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर बसे जीरकपुर शहर की आबादी 6 लाख से अधिक है। यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर परिषद पर निर्भर हैं। नगर परिषद का कामकाज चुने हुए पार्षदों की सहमति से चलता है। अधिकारियों को बिना सहमति किसी काम को अंजाम देने की अनुमति नहीं है। विकास कार्य बीते छह महीनों से ठप हैं। इसकी प्रमुख वजह नगर परिषद की सत्ता पर पहले कांग्रेस पार्टी का काबिज होना और राज्य की सत्ता पर आम आदमी पार्टी की सरकार का होना है। अप्रैल में कांग्रेस पार्षदों की समय सीमा समाप्त हुई, जिसके बाद मई में निकाय चुनाव हुए। लोगों ने आम आदमी पार्टी को बहुमत दिया, जिन्होंने मिलकर अपना प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान बनाए। पंजाब सरकार ने चुने गए प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान को काम करने की शक्तियां प्रदान करते हुए अधिसूचना जारी की। हालांकि, अधिसूचना जारी होने के बावजूद प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क ने अभी अपने पद पर आसीन होकर कामकाज शुरू नहीं किया। उन्होंने किसी फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। इसका असर यह है कि जीरकपुर शहर में होने वाले काम तब तक शुरू नहीं होंगे, जब तक प्रधान द्वारा परियोजनाओं की फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं किए जाते।
हाईकोर्ट में 9 जुलाई को होगी सुनवाई
24 जून को नगर परिषद के प्रधान का चुनाव करने के लिए बैठक आयोजित हुई थी। इसमें वार्ड-31 से पार्षद गुरप्रीत सिंह विर्क को प्रधान चुना गया। वार्ड-21 से पार्षद गुरविंदर सिंह रंगी सीनियर उपप्रधान और वार्ड-28 से पार्षद जश्नप्रीत कौर उपप्रधान बनीं। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इस चयन प्रक्रिया पर एतराज जताया। उन्होंने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट द्वारा अभी कोई निर्देश पारित नहीं किए गए हैं। केस की सुनवाई 9 जुलाई को तय की गई है। पार्षदों द्वारा चुने गए प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान ने अभी तक अपना कामकाज नहीं संभाला है।
विकास कार्यों पर गहरा असर
जीरकपुर में विकास कार्य बीते छह महीनों से ठप पड़े हैं। प्रधान के पदभार न संभालने से परियोजनाओं की फाइलें अटकी हुई हैं। शहर की खस्ताहाल सड़कें, पीने के पानी की किल्लत और बरसाती पानी की निकासी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। बंद स्ट्रीट लाइटें भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। नगर परिषद के कामकाज में गतिरोध से नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। अधिकारियों को भी बिना प्रधान की सहमति के काम करने में दिक्कत आ रही है। यह स्थिति शहर के समग्र विकास को प्रभावित कर रही है।
नागरिकों की शिकायतें और उम्मीदें
जीरकपुर के लोग नगर परिषद की कार्यप्रणाली से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद काम या तो होते नहीं, या अधूरे छोड़ दिए जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बलटाना में बरसाती पानी की निकासी के उचित प्रबंध नहीं हैं। लोग बरसात के दौरान गलियों में जमा पानी के बीच से आवाजाही करने को मजबूर हैं। पीने के पानी की किल्लत भी एक बड़ी समस्या है, जिसके समाधान के लिए बनी नहरी पानी की योजना फाइलों तक सीमित है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही कामकाज शुरू होगा।
निवासियों की प्रतिक्रिया
बलटाना निवासी प्रताप सिंह राणा ने कहा कि चुनाव से पहले बिजली की तारों को ठीक करने के दावे किए गए थे। अब चुनाव संपन्न हो गए और पदाधिकारी भी बन चुके हैं, लेकिन कामकाज कब शुरू होगा, यह समझ नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि बलटाना क्षेत्र के हालात बेकाबू हो चुके हैं, शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा। पीरमुछल्ला निवासी हर्ष ऋषि ने बताया कि हाउस की बैठक न होने के चलते उनके क्षेत्र में काम रुके हुए हैं। अधिकारी हाउस की मंजूरी न होने का हवाला देकर टाल देते हैं। हर्ष ऋषि ने कहा कि नवनियुक्त प्रधान, सीनियर उपप्रधान और उपप्रधान को लोगों की परेशानियों को देखते हुए अपना कामकाज शुरू करना चाहिए।
मेरी ओर से कामकाज शुरू कर दिया गया है और इसी हफ्ते के शुक्रवार या फिर अगले हफ्ते हाउस की पहली बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें लंबे समय से रुके विकास कार्यों को मंजूरियां देकर इनका काम शुरू करवाया जाएगा। - गुरप्रीत सिंह विर्क, प्रधान, जीरकपुर नगर परिषद।