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पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की गिरफ्तारी होगी या नहीं, फैसला कल

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मोहाली। 29 साल पुराने आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की ओर से दायर जमानत याचिका पर वीरवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों के वकीलों की बहस और दलीलें चलीं।
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को निश्चित की है। इस दौरान भी दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही अदालत की ओर से फैसला सुनाया जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व डीजीपी सैैनी की जमानत अर्जी पर स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर सरतेज नरूला, शिकायकर्ता के वकील प्रदीप सिंह विर्क और सैनी के वकील एपीएस दियोल में बहस हुई। इस दौरान सैनी के वकील का कहना था कि सैनी पुलिस के एक शानदार ऑफिसर रहे हैं और उन पर आतंकी हमला हुआ था। वहीं, सैनी को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। जबकि दूसरे पक्ष ने सारी दलीलों को नकार दिया। जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त निश्चित की है।
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वहीं, सैनी के वकील ने बताया कि अदालत ने 29 अगस्त तक सैनी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। जबकि शिकायतकर्ता के वकील प्रदीप सिंह विर्क ने कहा कि अदालत ने सैनी की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई है। जबकि 25 अगस्त को अदालत ने 27 अगस्त तक सैनी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। वहीं, कानूून विशेषज्ञों के मुताबिक जब अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई होती है तो अदालत द्वारा पहले दिए गए फैसले को ही आगे तक माना जाता है।
अब एसआईटी करे आरोपी को गिरफ्तार
शिकायतकर्ता के वकील प्रदीप सिंह ने कहा कि इस मामले में सैनी को पहले जब अग्रिम जमानत मिली थी तो उसमें शर्त थी कि सैनी अपने घर से बाहर नहीं निकलेगा। जबकि सैनी ने नियम तोड़ा है। ऐसे में अब उनकी एक ही मांग की है कि सैनी को पुरानी धारा में मिली अग्रिम जमानत कैंसिल की जाए और उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए। उन्होंने सैनी की अग्रिम जमानत रुकवा दी है और अब एसआईटी चाहे तो वह उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
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