29 साल पुराने सीनियर आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण और हत्या के मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। वह कई दिनों से पुसिल से बचने के लिए भूमिगत चल रहे हैं। इतना ही नहीं वह अपनी जेड प्लस सुरक्षा भी छोड़ गए हैं। वहीं, मोहाली पुलिस की ओर से इस मामले के लिए गठित एसआईटी द्वारा सैनी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दिल्ली समेत कई राज्यों में छापामारी की जा रही है।
पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट मेें अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सैनी अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। उनके वकीलों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है और सोमवार को केस पर सुनवाई होनी है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस उन्हें इससे पहले गिरफ्तार करने की तैयारी में है। मिली जानकारी के मुताबिक बलवंत सिंह मुल्तानी अपहरण एवं हत्या मामले में इसी साल मई में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और चंडीगढ़ के आठ पुलिस मुलाजिमों पर केस दर्ज हुआ था।
लेकिन अपहरण मामले में सैनी को जमानत मिल गई थी। ऐसे में पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी, हालांकि सैनी को उसी समय अंदेशा हो गया था कि पुलिस आगे चलकर इस मामले में उन पर हत्या की धारा लगा सकती है। ऐसे में उन्होंने जिला अदालत में इस संबंधी अग्रिम जमानत याचिका लगा दी थी। लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी और पुलिस को हिदायत दी थी कि जब भी सैनी पर हत्या की धारा जोड़ी जाए तो उन्हें इस संबंधी तीन दिन पहले नोटिस दिया जाए।
इसके बाद सैनी के साथ केस में दो आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिम सरकारी गवाह बन गए थे। जिसके बाद पुलिस ने उन पर हत्या की धारा लगा दी थी। इसके बाद से सैनी पुलिस से बच रहे हैं। उनकी हत्या केस में अग्रिम जमानत के लिए मोहाली जिला अदालत और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। सैनी अपने घर से गायब है।
बता दें कि यह मामला 1991 का है। जब पूर्व डीजीपी सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। इस दौरान उन पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें सैनी बच गए थे। जबकि उनके तीन गनमैन मारे गए थे। आरोप है कि इसके बाद सैनी ने मोहाली से बलवंत सिंह मुल्तानी को घर से जबरदस्ती उठवाया था। जिसके बाद से वह घर नहीं आया। यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है।