मोहाली। चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर एक सितंबर से 32 किसान यूनियनों का पक्का मोर्चा रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। किसान नेता राकेश टिकैत आंदोलन को समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद किसानों की मौजूदगी और बढ़ गई। धरना स्थल पर करीब 400 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और तीन हजार किसान मौजूद रहे। राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी किसानों का हक है। उन्होंने जोर दिया कि अगर सरकार किसानों की मांगें मान लेती है तो धरना कल ही खत्म हो सकता है। किसानों की ओर से सरकार के साथ बैठक के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा गया। इस प्रतिनिधिमंडल में किसान यूनियन डकौंदा से बुट्टा सिंह और बुर्ज गिल, किसान यूनियन राजेवाल के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल, किसान यूनियन लखोवाल के प्रधान हरिंदर सिंह लखोवाल और किसान यूनियन कादियां के प्रधान हरमीत सिंह कादियां शामिल रहे। पंजाब सरकार की ओर से सेहत मंत्री बलबीर सिंह और कृषि मंत्री भी बैठक में पहुंचे।
किसानों की प्रमुख मांगें और बातचीत का रुख
राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार से किसानों की 13 मांगों पर गंभीरता से चर्चा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसपी किसानों का अधिकार है और वे इस मांग से पीछे नहीं हटेंगे। टिकैत ने कहा कि पहले पंजाब सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। इसके बाद पंजाब सरकार को केंद्र सरकार के साथ किसानों की मांगों पर चर्चा करनी चाहिए।
मोर्चे पर बढ़ती संख्या और यातायात पर असर
मोर्चे के छठे दिन कई अन्य किसान संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। किसान नेताओं के पहुंचने से आंदोलनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ने के कारण किसानों ने सड़क की दूसरी तरफ भी ट्रॉलियां खड़ी करना शुरू कर दिया है। इससे चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन रही है, जबकि एक दिन पहले प्रशासन से एक तरफ का रास्ता खुला रखने पर सहमति बनी थी।