वर्ष 2019 में दर्ज इस मामले में पुलिस ने सुखविंदर कौर से 440 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था। उनके बेटे लवदीप सिंह को भी आपराधिक साजिश के आरोप में नामजद किया गया था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।
हेरोइन तस्करी के एक मामले में मोहाली की विशेष अदालत ने मां-बेटे को बरी कर दिया है। पुलिस जांच में खामियों और जांच अधिकारी के सक्षम न होने के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
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वर्ष 2019 में दर्ज इस मामले में पुलिस ने सुखविंदर कौर से 440 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था। उनके बेटे लवदीप सिंह को भी आपराधिक साजिश के आरोप में नामजद किया गया था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जांच अधिकारी एएसआई रामपाल नियमित पद पर नहीं थे। ऐसे में वह एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच के लिए अधिकृत अधिकारी नहीं थे। अदालत ने जांच अधिकारी की नियुक्ति और उनकी कानूनी शक्तियों पर गंभीर सवाल उठाए।