मोहाली। जिले में पार्किंग अब रंजिश की जड़ बन चुकी है। मार्केट हो या आवासीय क्षेत्र, सभी में कारों की भारी तादाद के आगे पार्किंग का क्षेत्र काफी कम होता चला जा रहा है। मोहाली नगर निगम के एक अध्ययन के अनुसार जिले में पिछले 13 वर्ष में 26.4 लाख वाहन पंजीकृत हुए। कई सोसाइटी ऐसी हैं जिसमें एक मकान में चार-चार गाड़ियां हैं। इस वजह से उनके पास पार्किंग स्पेस ही नहीं हैं। यही वजह है कि लोग अब फ्लैट्स में शिफ्ट होने लगे हैं।
यही वजह है कि जिले में रोजाना पार्किंग को लेकर विवाद होने लगे हैं। यह विवाद कई बार रंजिश में भी बदल चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग की समस्या से निजात तभी मिल सकती है कि जब हर सोसाइटी में सीमित गाड़ियों का प्रवेश ही हो। इसके साथ ही यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि चाहे सोसाइटी के भीतर हो या बाहर रास्ते पर गाड़ियां न लगाई जाएं। जिले के फेज-2, सेक्टर-66, फेज-3बी2 के साथ जीरकपुर के कई इलाकों में पार्किंग की समस्या विस्फोटक होती जा रही है।
पार्किंग की समस्या अब पूरे जिले में हो चुकी है। खासतौर से आवासीय इलाकों में यह बढ़ती जा रही है। इसका हल निकालना होगा। सबसे आवश्यक है कि सभी अपनी ड्यूटी को समझें। इसके लिए कम्युनिटी पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। -तेजिंदर सिंह, एकेएस सोसाइटी, जीरकपुर
पार्किंग की समस्या को लेकर अक्सर झगड़े भी होते हैं। वास्तव में झगड़ने जैसी कोई बात नहीं होती, एक दूसरे का सहयोग करके ही काम चलता है। ज्यादा समस्या रात को होती है, इसलिए लोग खुद इसका कोई हल निकालें तो बेहतर है। कई सोसाइटी ऐसी हैं जिसमें ज्यादा जगह ही नहीं है। - अमनप्रीत सिंह, शिवालिक विहार, जीरकपुर
अब पार्किंग का मसला काफी ज्यादा हो गया है। यह मसला तभी हल होगा जबकि लोगों के बीच आपसी सामंजस्य बनेगा। पार्किंग के मुद्दे को लेकर झगड़ा करना ठीक नहीं है। आपस में तालमेल करें तो शायद इस समस्या का हल निकल जाएगा। -रोहित तिवारी, गोबिंद बिहार, बलटाना
पार्किंग की समस्या की मुख्य वजह यह है कि एक घर में चार-चार गाड़ियां हैं। इसमें काफी ज्यादा योगदान पीजी का है। हमारा प्रयास है कि इसका कोई न कोई हल निकाला जाए। सोसाइटी के भीतर भी लोग सामंजस्य बनाकर काम करें तो यह मसला हल हो सकता है। -अमरजीत सिद्धू, मेयर, नगर निगम मोहाली