मोहाली। लगातार बिजली कटौती से परेशान मोहाली के लोगों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने संकेत दिए हैं कि शहर में बार-बार हो रही कटौती पर जल्द ही रोक लग जाएगी। सरकार की रोशन पंजाब योजना के तहत बिजली ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब केवल अंतिम चरण का काम बाकी है। विभाग के अनुसार, कार्य पूरा होते ही मोहाली में 24 घंटे निर्बाध और अधिक भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से बिजली नेटवर्क को बड़े स्तर पर अपग्रेड किया गया है। लो टेंशन (एलटी) और 11 केवी नेटवर्क के विस्तार और सुधार पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 66 केवी लाइनों और ग्रिड सब-स्टेशनों को मजबूत करने के लिए 600 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य पुराने ढांचे को बदलना, ट्रांसमिशन लॉस कम करना और सप्लाई सिस्टम को अधिक स्थिर बनाना है। लगातार बिजली कटौती के चलते लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली है। लोगों का कहना है कि यह काम सर्दियों में किया जाना चाहिए था।
इस पर पावरकॉम का कहना है कि अपग्रेडेशन का काम पिछले साल सितंबर से जारी है। अंतिम चरण के तकनीकी कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिजली कट जरूरी थे। इसके लिए पहले ही शटडाउन शेड्यूल जारी कर उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता रहा है।
बिजली वितरण लाइनों को किया गया है मजबूत
पीएसपीसीएल के ईस्ट जोन, डिस्ट्रीब्यूशन सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर हरप्रीत सिंह ओबरॉय के अनुसार तेजी से बढ़ रही आबादी और इलाकों में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष जून-जुलाई में मोहाली की पीक डिमांड करीब 370 मेगावाट तक पहुंच गई थी। हर साल बिजली खपत में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए एरोसिटी, इको सिटी और आसपास के इलाकों में नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। साथ ही कई नए फीडर जोड़े गए हैं और वितरण लाइनों को मजबूत किया गया है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी और बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु बन सकेगी।