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शहर को अपनी सिटी बस सर्विस मिलने का रास्ता हुआ साफ

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शहर को अपनी सिटी बस सर्विस मिलने का रास्ता हुआ साफ क्रासर - नगर निगम की मीटिंग में लोकल बस सर्विस चलाने का प्रस्ताव पास खास बात आजाद ग्रुप ने बीओओ मोड का विरोध किया, इससे सत्ताधारी दल अपनो को देगा फायदा माई सिटी रिपोर्टर मोहाली। आखिर 46 साल के लंबे इंतजार के बाद लोकल सिटी बस सर्विस चलाने के लिए नगर निगम ने एक बार फिर प्रयास किया है । हाउस की मीटिंग में इस संबंधी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर निकाय विभाग को भेजा गया। हालांकि आजाद ग्रुप के पार्षदों ने बिल्ट ऑपरेट ऑन (बीओओ) मोड का विरोध किया। उनकी दलील थी कि ऐसा कर निगम में सत्ताधारी दल अपने ही चहेतों को फायदा देगा।  इससे खुली लूट होगी। इससे निजीकरण को बल मिलेगा। जबकि मेयर अमरजीत सिंह ने कहा कि ऐसी शकाएं गलत हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रोजेक्ट आम आदमी के हक में है। उन्होंने साफ किया कि इस प्रोजेक्ट को पास करवाने के लिए अगर निगम को गर्वनर तक भी पहुंच करनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे। जाकारी के मुताबिक मंगलवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग में लोकल सिटी बस सर्विस का प्रस्ताव आया तो उस पर आजाद ग्रुप के सीनियर पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने कहा कि यह सिटी बस सर्विस शहर की जरूरत है। लेकिन जिस मोड पर निगम चलाने की तैयारी कर रहा है, वे किसी भी स्तर पर उचित नहीं है। उन्होंने कहा इसमें बसे प्राइवेट होगी, ठेेकेदार ही चलाएंगे। बस एक टिकट ही निगम छापेगा। जो उनकी समझ से बाहर है। एक तरफ सरकार राज्य में प्राइवेट बसों की जगह सरकारी बसे चलाने के दावे कर रही है। जबकि मोहाली में स्थिति बिल्कुल विपरी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस संबंधी प्रस्ताव बने थे। जिसमें ट्रासपोर्ट अथारिटी तक से परमिशन मिल गई थी। अब उसे प्रोजेक्ट को रद्दी के ठोकरी में फैंक दिया गया। उन्होंने कि उस समय स्पेशल पर्पस व्हीकल मोड बनाया गया गया था। इस संबंधी अगस्त 2016 में प्रस्ताव हुआ था। इसमें गमाडा, नगर काउंसिल जीरकपुर व खरड् साथ ही मोहाली को हिस्सेदार बनाया गया था। सबको हिस्सा डालना था। साथी सारे जिले में बसे चलनी थी। लेकिन इस प्रोजेक्ट को बिना बताए कैंसिल कर दिया। पार्षद गुरमीत कौर ने भी पर सवाल उठाए। हालांकि मेयर ने कहा कि प्रोजेक्ट लोगों के हित्त में है। लोगों को मिलेगा फायदा दूसरी तरफ जब पत्रकारों ने प्रोजेक्ट को लेकर मेयर अमरजजीत सिहं जीती सिदधू से पूछा कि चंडीगढ़ प्रशासन निजी को मंजूरी नहीं देगा तो आप प्रोजेक्ट को कैंसे चलाएंगे। इस पर मेयर का जवाब था कि बसे नगर निगम के बैनर तले चल रही है। ऐसे में प्रोजेक्ट में चंडीगढ़ प्रशासन को कोई दिक्कत नहीं आएगी। जहां तक की किराए की बात है तो इसे दस रुपये से ज्यादा नहीं किया जाएगा। मेयर ने कहा कि आने वाले समय में महिला स्पेशल बस चलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ऐसी चलेगी बसे जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम की तरफ से पच्चीस सीटो वाली लो फ्लोर बसें चलाई जाएंगी। बसे निजी बस ऑप्ररेटर चलाएंगे। उन्हें विज्ञापन से अपनी आमदनी के अधिकार दिए जाएंगे। विज्ञापन संबंधी भी पालिसी बनाई गई। जिसका उन्हें पालन करना होगा। इसके अलावा टिकट से होने वाली आमदन बस आपरेटर व नगर निगम में अपने शेयर के हिसाब से बांटी जाएगी। बसे सीएनजी वाली होगी। साथ ही सात साल के लिए उनका निगम के साथ अनुबंध होगा। इसके अलावा कुछ अन्य शर्तों का भी उन्हें पालन करना होगा।
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