मुख्यमंत्री की फटकार के बाद आखिर सोमवार को जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव हो गया। सीएम के आदेश पर पुडा के सीए व डिप्टी सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी मनवेश सिंह सिद्धू ने अकाली-बीजेपी पार्षदों के साथ मीटिंग की। दो घंटे तक एक-एक कर उनके इलाकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पार्षदों की मांगों की सूची बनाई गई। साथ ही पार्षदों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों को आने वाले 15 से 20 दिन में पूरा करने की कोशिश की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही वह इन समस्याओं को लेकर विभिन्न विभाग के अधिकारियों से भी मीटिंग करेंगे।
वहीं, मीटिंग के बाद पार्षदों ने कहा कि दो महीने से जो अधिकारी उनकी बात तक हीं सुन रहे थे। अब वह उनसे मीटिंग कर समस्याओं को जान रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुडा के सीए ने अकाली-बीजेपी पार्षदों के साथा दोपहर 12 बजे पुडा भवन मेें मीटिंग की। इसमें गमाडा के सीएम अमित ढाका, एसीए सुखजीत पाल सिंह, नगर निगम के एसके बत्ता समेत कई अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान अधिकारियों ने एक-एक करके पार्षदों का पक्ष सुना। पार्षदों ने अपने-अपने इलाके की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी।
पार्षदों का कहना था कि निगम में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसके बाद पुडा के सीए ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी मांगों को पहल के आधार पर पूरा किया जाएगा। जल्द ही वह विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकारियों से मीटिंग करेंगे। मीटिंग में बीजेपी-अकाली पार्षद अरुण शर्मा, अशोक झा, साहिबी आनंद, सराओ, प्रकाशवती, परमजीत सिंह काहलो, रूबी, सुखदेव सिंह पटवारी और परविंदर सिंह सोहाना मौजूद रहे।
मीटिंग में ये मुद्दे उठे
1. पार्कों का खस्ता हालत
2. पेवर ब्लॉकों की खस्ता हालत
3. सेक्टर-66-69 की समस्याएं
4. सेक्टर-76 -80 की विभिन्न समस्याएं
5. शहर में जगह-जगह धंस रही सीवरेज लाइन
6. नीड बेस्ड पॉलिसी को तुरंत लागू करना
7. शाहीमाजरा में स्कूल का निर्माण करना
8. सेक्टर-57 में कब्रिस्तान का निर्माण करना
9. गैर कानूनी तरीके से चल रही मीट की दुकानें बंद करना
10. शहर में बसी बनी रेजिडेंशियल सोसायटी को टेकओवर करना, उनमें सफाई करना व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाना
11. इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों को चौड़ा करना
12. इलाके के पानी की समस्या को दूर करना
सीएम को देना होगा जवाब
जानकारी के मुताबिक, यह मीटिंग मात्र दिखावा नहीं है। बल्कि, सीएम ने रविवार को मीटिंग के दौरान अधिकारियों को साफ कर दिया था कि वह महीने बाद दोबारा समीक्षा मीटिंग करेंगे। इस दौरान वह चेक भी करेंगे कि पार्षदों की कितनी समस्याओं को दूर किया गया है।