मोहाली। साइबर अपराधियों ने सेक्टर-66 निवासी एक व्यक्ति के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिये लिंक भेजकर उसके खाते से 1.96 हजार रुपये निकाल लिए। इस मामले में फेज-11 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस को दी शिकायत में अमरिंदर सिंह निवासी सेक्टर-66 ने बताया कि उनको दो अप्रैल को सुबह करीब साढ़े 11 बजे व्हाट्सएप पर एक लिंक आया। उसे खोलने पर उनके मोबाइल फोन का एक्सेस साइबर अपराधियोें के पास चला गया। इसके 15 मिनट के बाद ही उनके एसबीआई के क्रेडिट कार्ड से दो बार में 98-98 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक शातिर उनके साथ ठगी कर चुके थे। जब उन्होंने पता करवाया तो पता चला कि पैसे उसके खाते में से बिहार और दिल्ली के एक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसका पता चलने पर शिकायत एसएसपी कार्यालय में दी। वहां से इसकी जांच साइबर सेल के इंचार्ज को सौंपी गई। उन्होंने जांच करके डीएसपी ट्रैफिक को जानकारी दी। उन्होंने फिर से जांच करके इसकी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। इसके बाद एसएसपी ने डीए लीगल से सलाह लेकर केस दर्ज करने का आदेश दिया।
इन तरीकों से की जा रही है ठगी
साइबर अपराधी ठगी करने से पहले कोई स्क्रीन शेयरिंग का एप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। एप डाउनलोड होते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण शातिरों के हाथ में आ जाता है। इसके बाद स्क्रीन शेयरिंग से उनका कार्ड नंबर और पिन नंबर हासिल कर लेते हैं और इसके बाद उनके खाते से आसानी से रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। दूसरा तरीका जो अभी ज्यादा चलन में है, इसमें उपभोक्ताओं के पास मैसेज जाता है कि आज रात को आपका बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा, क्योंकि आपका बिजली का बिल बकाया है। बिजली के बिल के सेटलमेंट के लिए दिए गए बिजली अफसर के मोबाइल नंबर पर कॉल करें। इसके बाद बिजली बिल उपभोक्ता बताए गए नंबर पर फोन करता है, तो उसे बताया जाता है कि उसका बिजली का बिल भर गया है, लेकिन अपडेट नहीं हुआ है। उपभोक्ता से किसी बहाने से उनसे मोबाइल पर भेजा गया ओटीपी पूछा जाता है। अगर वह झांसे में आकर ओटीपी बता देते हैं तो उनके साथ ठगी हो जाती है।
ऑनलाइन ठगी होते ही 1930 पर दें शिकायत
डीएसपी डिटेक्टिव गुरशेर सिंह ने कहा कि लोग ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें। उन्हें कभी भी न तो किसी को ओटीपी बताना चाहिए और न ही भेजे गए लिंक पर क्लिक करना चाहिए। अगर किसी अनजान नंबर से उन्हें कोई लिंक आता है तो उस नंबर को ब्लॉक कर दें। ऐसा करने से साइबर शातिर आपको ठग नहीं पाएगा। वहीं, अगर फिर भी गलती से लिंक पर क्लिक हो जाने या ओटीपी बताने से ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके ठगी होने की शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही बैंक में फोन करके कार्ड को ब्लॉक करवाएं। जितनी जल्दी आप 1930 पर कॉल करके शिकायत देंगे, आपके पैसे वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा हो जाएगी।