कुराली। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ पंजाब सीटू की बैठक ब्लॉक प्रधान गुरदीप कौर के नेतृत्व में हुई। इस दौरान सीडीपीओ को मांगपत्र भी सौंपा गया। आंगनबाड़ी यूनियन ने सरकार से उनकी मांगों को पूरा किए जाने और अर्ली चाइल्ड केयर एंड ऐजूकेशन (ईसीसीई) केवल आंगनबाड़ी सेंटरों को दिए जाने की मांग की।
ब्लॉक प्रधान गुरदीप कौर, बलजीत कौर, अवतार कौर और जसपाल कौर सहित अन्यों ने कहा कि केंद्र सरकार करोना की आड़ में लोगों पर फैसले थोप रही है। नई शिक्षा नीति हमारे बच्चों को अन्य विकसित देशों से पीछे ले जाएगी। गुरदीप कौर ने नई शिक्षा नीति में शामिल ईसीसीई नीति में निजी संस्थाओं को शामिल करने संबंधी कहा कि नई शिक्षा नीति में पिछले 55 साल से काम कर रहे आंगनबाड़ी केंद्रों और वर्करों को अनदेखा करके नए फरमान जारी किए गए हैं। इससे देश के 28 लाख आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के साथ-साथ 0 से 6 वर्ष की आयु के 8 करोड़ बच्चों के सर्वपक्षीय विकास को खतरा पैदा हो गया है। गुरदीप कौर और अन्यों ने बताया कि पंजाब सरकार ने भी 22 सितंबर, 2017 को प्री-स्कूल शिक्षा के तहत सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर दी थीं, लेकिन आंगनबाड़ी और हेल्परों के संघर्ष के बाद सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा था।