जीरकपुर। गाजीपुर के सुखना चो के किनारे खुले में मेडिकल वेस्ट फेंके जाने का मामला सामने आया है। यहां एक कट्टे में हजारों की संख्या में ऑक्सबॉन सीटी टेबलेट्स की स्ट्रिप भरी मिलीं, जबकि सैकड़ों स्ट्रिप आसपास बिखरी पड़ी थीं। इलाके से गुजर रहे लोगों ने जब दवाइयों का ढेर देखा तो हैरान रह गए।
इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुखना चो के किनारे लंबे समय से कूड़ा और मेडिकल कचरा फेंका जा रहा है, लेकिन इस बार भारी मात्रा में दवाइयों के मिलने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खुले में इस तरह मेडिकल वेस्ट फेंकना न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे बच्चों और पशुओं की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। जानकारों के अनुसार बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के तहत एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाइयों का निस्तारण तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाना जरूरी है।
मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे कचरे को अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए, ताकि संक्रमण और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा न बढ़े। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां कहां से लाई गईं और किसने इन्हें खुले में फेंका। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सुखना चो क्षेत्र में नियमित सफाई व निगरानी बढ़ाने की मांग की है।