खरड़। जीएमएडीए ने घडुआं नगर पंचायत के लिए मास्टर प्लान की अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना में घडुआं और उसके आसपास के 19 गांवों को विकास की निरंतरता में लाया जाएगा। पांच साल से मास्टर प्लान के अभाव में निराशा थी, अब शहरवासियों में खुशी है। यह निर्णय पंजाब क्षेत्रीय और नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1995 की धारा 66 के तहत लिया गया है। नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने अधिनियम की धारा 57 के तहत भूमि उपयोग योजना तैयार की है।
आम जनता से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। मास्टर प्लान के अनुसार, घडुआं, मांमुपुर, सकरूलांपुर सहित आठ गांवों को आवासीय क्षेत्र घोषित किया गया है। माछीपुर, थेड़ी सहित नौ गांवों को कृषि क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। सिल और गड़ागा गांवों की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इस घोषणा से संपत्ति कारोबार से जुड़े लोगों में भी उम्मीद जगी है। घडुआं नगर पंचायत पांच वर्ष पहले अस्तित्व में आई थी। मास्टर प्लान के अभाव में बिल्डरों और डेवलपर्स में निराशा थी। यह योजना खरड़ क्षेत्र के करीब होने के कारण विकास के दबाव को संबोधित करेगी। अब देखना होगा कि यह योजना व्यवस्थित विकास लाएगी या खरड़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।