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जिस सेक्टर में डीसी निवास, उसी में भरमार समस्याओं का वास

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मोहाली। फेज-5 शहर के सबसे प्राइम फेजों में शुमार है। इस फेज में जहां डीसी और नगर निगम के कमिश्नर का सरकारी रिहायश है। वहीं, पंजाब पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारी भी इसी इलाके में रहते हैं। यहां पर जहां बड़े-बड़े आला अधिकारियों का निवास है, वहीं यहां पर भरमार समस्याओं का वास भी है। जिसमें इस इलाके में सीवरेज की ब्लॉकेज, सीवरेज लाइन का धंसना, जलभराव की समस्या से हर साल लोगों को दिक्कत आती है। इसके अलावा लावारिस पशु और कुत्ते आए दिन लोगों को अपना शिकार बनाते रहते हैं। कई बार यह मामला हाउस की बैठक तक में उठ चुका है। लोगों का कहना है कि इन्हीं समस्या से लोगों को छुटकारा दिला जाना चाहिए। इसके साथ ही इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे आपराधिक वारदातों पर नकेल कसी जा सके।
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जानकारी के मुताबिक फेज-5 शहर का काफी महत्पूर्ण फेज माना जाता है। क्योंकि यह फेज शहर के बिल्कुल सेंटर में है। इससे चंडीगढ़ भी नजदीक पड़ता है। इसके अलावा इस एरिया की मार्केट भी अहम मानी जाती है। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया भी इसके साथ लगता है। हालांकि यह इलाका काफी पहले बसा था, ऐसे में काफी हद तक सुधार भी हुुआ है। लेकिन इसके बावजूद लोगों को बहुत सी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सीवरेज ब्लॉक और रोड गलियों में गंदगी
फेज-5 निवासी सीएल गर्ग बताते हैं कि इलाके में कई तरह की समस्याएं हैं। एक तो ढाबे वाले अपनी गंदगी सीवरेज की लाइनों में छोड़ते हैं, जिससे सीवरेज ब्लॉक होने की समस्या रहती है। यह समस्या हर ब्लॉक में है। इतना ही नहीं उनके पानी के टैंक ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी बहता रहता है। मकान नंबर 1850 से 1863 तक रोड की रोड गलियों में ब्लॉकेज के कारण गंदगी है। इस वजह से भी लोगों को दिक्कत आती है। वहीं, कई अन्य खामियां हैं। उन्हें भी पहल के आधार पर सुुुधारा जाना चाहिए।
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ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम बना मुसीबत
फेज-5 निवासी विकास उप्पल बताते हैं कि इलाके में ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं है। जरा सी बारिश होने पर इलाके में जलभराव की स्थिति हो जाती है। लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। यही हालत सीवरेज लाइन का भी है। अंदरूनी लाइन पुुरानी होने के चलते धंसना शुरू हो गई। इसके अलावा लाइन में ब्लॉकेज भी ज्यादा होती है। इस समस्या को पहल के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
लावारिस कुत्ते बने मुसीबत
फेज-5 निवासी वनीता का कहना है कि इलाके में लावारिस कुत्तों की गंभीर समस्या है। रिहायशी एरिया से लेकर मार्केट तक लोग परेशानी उठा रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत आती है। इतना ही नहीं इस चक्कर में बच्चों और बुजुर्गों को पार्क तक भेजने में भी डर लगता है। इसके अलावा हमारे इलाके के साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया लगता है। ऐसे में इस एरिया में पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जानी चाहिए।
बाजार को सुधारा जाना चाहिए
फेज-5 निवासी कारोबारी शाम लाल शर्मा का कहना है कि एक तो मार्केट की पार्किंग की हालत खराब है। वहीं, कई जगह कूड़ेदान भी टूटे हैं और कुछ जगह गायब ही हो चुके हैं। इसके अलावा लावारिस कुत्तों की गंभीर समस्या है। इसके अलावा मार्केटों की सफाई व्यवस्था उचित तरीके से होनी चाहिए। रात को फुटपॉथ और मार्केट साफ होने वाली बात हवा में ही है।
शुरू होनी चाहिए लोकल बस सर्विस
फेज-5 निवासी मुकेश बंसल बताते हैं कि एक तो इलाके में पुलिस की उचित गश्त होनी चाहिए। दूसरा सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाना चाहिए। वहीं, लोगों की सुविधा के लिए सिटी में लोकल बस सर्विस चलनी चाहिए। जिससे कि बाहर से आने वाले लोगों को ऑटो चालकों की ओर से की जाने वाली लूट से राहत मिल पाए। वहीं, सरकारी डिस्पेंसरियों में विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जाएं, जिससे आम वर्ग के लोगों को सही इलाज का फायदा मिल पाए। जबकि पैसे की बर्बादी नहीं होनी चाहिए।
रिहायशी एरिया में बढ़ी पार्किंग की समस्या
फेज-5 निवासी अनिता जोशी का कहना है कि रिहायशी एरिया में पार्किंग की समस्या गंभीर है। नगर निगम ने कुछ साल पहले पार्किंग की समस्या को हल करने के लिए जो तरीका निकाला था, वह फार्मूला फेल हो गया। ऐसे में झगड़े होते हैं। सीवरेज लाइन पुरानी हो चुकी है। ऐसे में आए दिन ब्लॉकेज की दिक्कत आ रही है। इलाके में सफाई उचित व्यवस्था नहीं है। जबकि लोगों से सभी टैक्स लिए जाते हैं। सरकार को चाहिए कि पैसे का इस्तेमाल लोगों की बेहतरी के लिए किया जाए।
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