मुल्लांपुर। पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। सरकार ने रोडवेज की बसों से पंजाब के अलग-अलग इलाकों से सरकारी मुलाजिमों को समागम में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था।
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के उद्घाटन समागम में हर जिले से भाजपा कार्यकर्ताओं को पहुंचने के निर्देश दिए थे। वहीं सरकार ने रैली में भीड़ जुटाने की भरपूर कोशिश की। इसके लिए हर जिले से तीन-चार बसों में स्कूलों से अध्यापक, पटवारी एवं अन्य कई विभागों के मुलाजिम को लाया गया। इस कारण पंडाल में रखी पांच हजार कुर्सियां कम पड़ गईं। कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम की तरह पेश किया गया क्योंकि सरकार किसी भी प्रकार से कार्यक्रम को लेकर बदनामी नहीं लेना चाहती थी।
बता दें कि फिरोजपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक में तत्कालीन चन्नी सरकार पर सवाल खड़े हुए थे। यही कारण है कि इस कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरी कैबिनेट के साथ पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर ज्यादा लोग पहुंचने के कारण बाद में उस रास्ते को बंद कर दिया गया था, जहां से रैली ग्राउंड के लिए एंट्री की जा रही थी। बस में सवार एक अध्यापिका ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह बलाचौर में सरकारी शिक्षिका है। उसे कार्यक्रम में सरकार की तरफ से ही लाया गया है।