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रामलीला पर महाभारत: राम-रावण के किरदार महिलाओं के निभाने का विरोध, चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर में बवाल

Wed, 17 Sep 2025 01:14 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (मोहाली)

सार

चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर में महिलाओं द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान और परशुराम का किरदार भी महिलाएं ही निभा रही हैं। हिंदू संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।
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जीरकपुर में हिंदू संगठनों से बात करते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जीरकपुर के ढकोली-पीरमुछल्ला क्षेत्र की महिलाओं की रामलीला के विरोध में महाभारत शुरू हो गई है। मंगलवार को दूसरे दिन भी हिंदू संगठन के नेताओं ने विरोध प्रकट किया। 
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पटियाला चौक पर भारतीय हिंदू सेना (दत्ता), शिव सेना शिंदे, वाल्मीकि समाज डेराबस्सी और संयुक्त रामलीला मंडल चंडीगढ़ के लोगों ने रोष प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने महिलाओं की रामलीला कमेटी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बार महिलाओं की रामलीला जीरकपुर की जगह पंचकूला में करवाई जा रही है।

रोष प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि रामलीला के किरदार ना बदले गए तो दो दिन बाद पंचकूला-जीरकपुर हाईवे जाम कर दिया जाएगा। रोहित शर्मा, नरिंदर गोयल, विजय दत्ता, दीपांशु शूद और अन्य सदस्यों ने बताया कि भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान और परशुराम का किरदार किसी भी महिला को नहीं करने दिया जाएगा। भले ही इसके लिए उन्हें सड़कों पर उतरकर अपनी जान ही क्यों न देनी पड़ी। उन्होंने बताया की पिछले साल भी विरोध किया गया था, लेकिन वह किरदार बदलने का वादा करके धोखा दे गए थे। इस बार वह बिलकुल भी सहन नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचकूला में भाजपा की सरकार है। वह कैसे उन्हें इसकी अनुमति दे सकती है। उन्होंने कहा कि रामलीला में जो भी अतिथि आएंगे उनका हमारे संगठनों द्वारा विरोध किया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया और दो दिन इंतजार करने का आश्वासन दिया।

कानून के दायरे में रहकर होगी कार्रवाई

हमें पता चला है कि हिंदू संगठन के कुछ लोग पटियाला चौक में विरोध कर रहे हैं। हमने मौके पर पहुंचकर उनको शांत करवाया और दो दिन का आश्वासन दिया है। रामलीला कमेटी के सदस्यों से बात कर मामले को सुलझाया जाएगा। मसले का कोई हल ना हुआ तो बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को हमें लिखित शिकायत भी दी गई है। मामला धार्मिक है तो सभी पक्षों को शांत रहने की अपील की गई है, बाकी कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी। - सिमरजीत सिंह शेरगिल, एसएचओ ढकोली

किसी विरोध के आगे नहीं झुकेंगी महिलाएं

दूसरी तरफ रामलीला का आयोजन कर रही संस्था जड़ों से जुड़ो की अध्यक्ष एकता नागपाल ने कहा कि वे किसी विरोध के आगे झुकने वाली नहीं हैं। वे कोई गलत काम नहीं कर रहीं हैं। उनकी टीम हमेशा की तरह इस बार भी महिलाओं की रामलीला आयोजित करेगी। एकता नागपाल का कहना है कि जब रामलीला में सीता माता और अन्य महिला पात्रों की भूमिकाएं पुरुष कलाकार निभा सकते हैं, तो पुरुष पात्रों की भूमिकाएं महिलाएं क्यों नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि पुरुषों को जन्म देने वाली भी महिलाएं ही हैं। यह विरोध बेबुनियाद है। हम कभी इसके आगे नहीं झुकेंगे। अगर हमारी रामलीला को देखने आ रही हिंदू धर्म की बड़ी हस्तियों को आपत्ति नहीं है, तो दूसरों को क्यों होनी चाहिए। रामलीला हर हाल में होगी।
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