मोहाली। सेक्टर- 80 स्थित पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स में दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा युवक, आस पास के लोगों ने रेस्क्यू कर बचाया। उसे 20 मिनट के रेस्क्यू के बाद लिफ्ट से बाहर निकाला गया। यह पहली घटना नहीं है जो पूरब अपार्टमेंट में रह रहे किसी व्यक्ति ने झेली हो। करीब दो हफ्ते पहले भी एक मामला सामने आया था, जिसमें 15 वीं मंजिल से लिफ्ट सीधा नीचे आ गिरी थी, भगवान की दया से किसी का भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था। परंतु वहां रह रहे लोगों में लिफ्ट से घटने वाली दुर्घटनाओं का डर बैठ गया।
वहीं, लोग पिछले लिफ्ट गिरने के डर से उभरे नहीं थे, तभी गत बुधवार को सुबह करीब चार बजे किसी काम के लिए जा रहा एक युवक लिफ्ट में छठी मंजिल पर फंस गया। उसने कुछ देर तो लिफ्ट खुलने का इंतजार किया , फिर वह खुद से प्रयास करने लगा। परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। करीब दो घंटे बीतने के बाद उसने फिर से लिफ्ट खोलने की कोशिश की और लिफ्ट के दरवाजों को पीटना शुरू किया। इतने में वहां से गुजर रहे मिस्टर संधू ने युवक की आवाज सुनी। इस पर वह रुक गए और बाहर से लिफ्ट खोलने का प्रयास करने लगे। जब कई देर बाद भी लिफ्ट नहीं खुली तो उन्होंने सोसायटी के राहुल शर्मा को बुलाया जिनके पास मास्टर की मौजूद थी। इसके बाद उन्होंने मौके पर आकर 15 मिनट के प्रयास के बाद युवक को लिफ्ट से बाहर निकला।
लिफ्ट से बहता है बारिश का पानी
सोसाइटी के लोगों ने बताया कि यहां लिफ्ट की हालत बहुत खस्ता हैं, बारिश के मौसम में कई लिफ्ट में पानी भी टपकता है और वहां पानी टपक-टपक के बेसमेंट में जाकर जमा होता है। जो एक बड़े खतरे का संकेत है। यह समस्या अन्य टॉवर की अधिकांश लिफ्टों में भी आम है, जिससे गमाडा के प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट के निवासियों के लिए जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इस पर न कोई अधिकारी ध्यान दे रहा है, वह केवल कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं।
पंजाब और चंडीगढ़ में दो साल से केवल कागजों में लिफ्ट और एस्केलेटर का कानून
मुंबई जैसे बड़े शहरों में लिफ्ट इंस्पेक्टर का पद है जो बड़ी-बड़ी सोसायटियों में जाकर लिफ्ट की चेकिंग करते हैं लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ में लिफ्ट और एस्केलेटर का कानून ही नहीं है। 2022 में राहुल शर्मा ने पीआईएल लगाई थी जिसमें हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने माना था कि लिफ्ट और एस्केलेटर का कानून नहीं है और यह कानून जल्द लाने की बात कही थी लेकिन अब तक कानून नहीं बना है।