समलैंगिक शादी को मंजूरी न देने के लिए राष्ट्रपति को लिखा पत्र
एडीसी को पत्र सौंपकर कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लेने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के नाम एक पत्र लिखकर ढकोली क्षेत्र की समाज सेवी संस्था मातृ शक्ति की सदस्यों ने उन तक पहुंचाने के लिए एडीसी मोहाली अमरिंदर कौर बराड़ को सौंप दिया है। इस पत्र में समाज सेवी महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को लिखा है कि समलैंगिक शादी को मंजूरी देने में जल्दबाजी न की जाए।
उन्होंने लिखा है कि इस पर फैसला देने से पहले भारतीय संस्कृति को किसी भी तरह से नजरअंदाज न किया जाए। साथ ही शादी को भारत में महान दर्जा दिया गया है और जो परिवार वृद्धि के लिए है। वहीं, अगर इसकी परिभाषा बदल दी जाएगी तो महिलाओं के लिए बनाए गए अधिकारों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। समाज में समलैंगिक रिश्ते लंबे समय से चलते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सामाजिक कर देना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। वैसे भी यह प्रकिया विदेशों की है और वहीं अच्छी लगती है। भारत में विदेशी संस्कृति का प्रचार करना उचित नहीं है। समलैंगिक शादी को मंजूरी न दी जाए इसके लिए उन्होंने ढकोली क्षेत्र से सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षकर करवाए हैं। यह पत्र देने पहुंची एडवोकेट मनीषा महाजन, एडवोकेट रुचिता गर्ग, स्वाति दीक्षित पूनम चौधरी, दीपिका चौहान ने बताया कि यह पत्र जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट या राष्ट्रपति का पहुंचे, इसलिए जिला मोहाली के प्रशासन को यह पत्र सौंपा गया है और इस कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए आवाज बुलंद की है।