नयागांव। नियमों को ताक में रखकर पहाड़ी इलाके में फार्म हाउस बेचने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। अब डीएफओ गुरअमनप्रीत एवं कंजर्वेटर विशाल चौहान पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए चीफ कंजर्वेटर हर्ष कुमार ने डीएफओ के तबादले की सिफारिश की है। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है।
वन विभाग ने फेयर हेवनस प्रोजेक्ट पर अवैध रूप से फार्म हाउस बेचने के आरोप लगाए थे। इसके बाद वीरवार को वन विभाग ने वहां पर दस हजार पेड़ लगाए थे। साथ ही कुछ निर्माणों को गिराया भी था। इसके बाद देवेंद्र संधू ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस से लेकर मुख्यमंत्री, सीबीआई एवं अन्य विभागों को डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। देवेंद्र संधू ने इस संबंधी एक वीडियो भी जारी किया था। इसमें डीएफओ के साथ उनकी एक मुलाकात हो रही है। मुलाकात के दौरान डीएफओ द्वारा इस प्रोजेक्ट को किस तरह से बेचना है, ग्राहक को क्या कहकर बेचना है- यह सब बातचीत हो रही है। साथ ही डीएफओ ने विभाग के उच्च अधिकारियों से भी प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलवाने संबंधी बात की।
देवेंद्र संधू ने आरोप लगाए गए हैं कि डीएफओ ने मुलाकात के समय दो लाख रुपये लिए थे। साथ ही खुद के और विशाल चौहान के नाम पर 50-50 लाख रुपये की मांग की थी। इसके अलावा हर महीने दस लाख एवं हर फार्म हाउस की बिक्री पर पांच लाख रुपये की मांग की थी। वीडियो जारी होने के बाद मुख्य कंजर्वेटर (हिल्स) हर्ष कुमार ने शुक्रवार को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को लिखा है कि शिकायत के साथ मिले वीडियो में कुछ सच्चाई लग रही है। इसकी जांच करनी जरूरी है। जब तक मामले की जांच की जाती है, तब तक के लिए डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह का तबादला कर देना चाहिए। मामले में डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
यह था मामला
वन विभाग की तरफ से डब्लूडब्लूआईसीएस के मालिक रिटायर्ड कर्नल बीएस संधू एवं तरसेम सिंह के खिलाफ पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4 और 5 के तहत 9 मई को मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही वन विभाग ने गमाडा को एक पत्र लिखा था। पत्र में वन विभाग ने डिफेंस एंड सर्विस पर्सनल वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी, फेयर वुड्स, फेयर व्यूज, फेयर हैवन जैसे कुछ प्रोजेक्ट पर कार्रवाई करने के लिए लिखा था। उसके बाद गमाडा ने इलाके का सर्वे कराया है। 26 मई को वन विभाग एवं गमाडा ने फेयर हैवन में एक बड़ी कार्रवाई की थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले में देवेंद्र संधू की तरफ से शिकायत मिली थी। उन्होंने जो वीडियो दिया था, उसकी फोरेंसिक जांच में पता चला है कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में वीडियो में डीएफओ द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप साबित हो रहे हैं। मामला गंभीर है इसलिए इसकी जांच जरूरी है। जब तक जांच होती है, तब तक के लिए डीएफओ के तबादले की सिफारिश की गई है। -हर्ष कुमार, मुख्य कंजरवेटर (हिल्स)