मोहाली। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और परवीन चौधरी पर चल रहे इरादा एक कत्ल और आर्म्स एक्ट के मामले की सुनवाई बुधवार को मोहाली की अदालत में हुई। यह मामला वर्ष 2012 का है। इस मामले में 12 साल बाद भी अब तक चार्ज फ्रेम नहीं हो पाए हैं। बुधवार को सुनवाई दौरान इस मामले में नामजद आरोपी लॉरेंस बिश्नोई, परवीन चौधरी, इंद्रप्रीत पैरी और मंदीप सिंह पेश न होने पर सुनवाई टल गई। इसलिए बुधवार को भी चार्ज फ्रेम नहीं हो पाए। इस मामले अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी तारीख निश्चित की है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वकील एडवोकेट कर्ण सौफत अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अपना वकालतनामा देते हुए कहा कि लॉरेंस बिश्नोई इस समय गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद है। उसे अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश किया गया था। अदालत ने कहा है कि जब तक मामले में नामजद सभी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते तब तक चार्ज फ्रेम नहीं किए जा सकते।
बता दें कि चुनाव संघ के चलते रंजिशन गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और परवीन चौधरी ने नयागांव में एनएसयूआई के सदस्यों जसविंदर सिंह जस्सी और राकेश कादियान पर गोलियां चलाई थी। इस मामले में नयागांव थाने में वर्ष 2012 में एफआईआर नंबर-45 दर्ज हुई थी। मामले में लॉरेंस बिश्नोई, परवीन चौधरी, इंद्रप्रीत पैरी व मंदीप सिंह को नामजद किया गया था। लॉरेंस बिश्नोई इस समय गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद है। इंद्रप्रीत पैरी और परवीन चौधरी जमानत पर बाहर हैं, जबकि चौथा आरोपी मंदीप सिंह फरार है। मंदीप सिंह वहीं शख्स है जिसे पुलिस ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला कत्ल मामले में नामजद किया है। उसे अदालत भगोड़ा करार दे चुकी है।