डेराबस्सी। देर रात आई तेज आंधी ने शहर में जमकर कोहराम मचाया, जिसमें कुछ जगहों पर कंपनियों के लगे होर्डिंग उखड़कर सड़कों पर आ गिरे और स्थानीय सरकारी अस्पताल के अंदर पेड़ उखड़कर एंबुलेंस पर गिर गए। जिसमें एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, इस कारण अस्पताल को बनूड़ से एंबुलेंस मंगवाकर काम चलाना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात आई तेज आंधी से डेराबस्सी के अलग-अलग हिस्सों में अपना कहर बरपाकर कई चीजों को नुकसान पहुंचाया। पहला हादसा डेराबस्सी सरकारी अस्पताल में हुआ, जहां ईमारत के अंदर खड़े 2 पेड़ तेज आंधी के चलते वहां मौजूद 3 एंबुलेंसों के ऊपर गिर गए, जिस कारण तीनों एंबुलेंस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि अस्पताल के पुराने हो चुके पेड़ों का भार इतना था कि तीनों एंबुलेंस इतनी क्षतिग्रस्त हो गई कि उन्हें वहां से ले जाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा। दूसरी ओर, एंबुलेंसों के क्षतिग्रस्त होने के बाद अस्पताल स्टाफ को मरीजों को लेकर आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते 108 नंबर वाली एंबुलेंस की मदद लेनी पड़ी।
दूसरी घटना अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित एसबीपी हाउसिंग प्रोजेक्ट का होर्डिंग टूटकर ईमारत पर ही गिर गया और किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। इतना ही नहीं, गुलाबगढ़ रोड, कालेज रोड, तहसील रोड और अनाज मंडी में स्थित दुकानों के बाहर लगे होर्डिंगस तेज आंधी को सहन नहीं कर पाए और निकलकर सड़कों पर आ गिरे।
बत्ती हुई गुल, बिना लाइट लोग परेशान
जानकारी के अनुसार, देर रात आई तेज आंधी का असर यह हुआ कि पावरकॉम की तरफ से सप्लाई को बंद कर दिया गया, जिसके चलते लोगों को रात बिना लाइट निकालनी पड़ी। जबकि गर्मी ज्यादा होने के चलते कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकलकर मौसम के ठीक होने का इंतजार करने लगे और जैसे मौसम सामान्य हुआ तो लोग दोबारा अपने घरों में जाकर सो गए।
कोट्स..
हमारी तरफ से जंगलात विभाग को उक्त पेड़ों को काटने के लिए पहले ही पत्र लिखकर सूचना दे दी गई थी, लेकिन उनकी कार्रवाई से पहले ही देर रात पेड़ एंबुलेंस के ऊपर गिर गए। वहीं, अस्पताल की एंबुलेंस क्षतिग्रस्त होने पर उनकी तरफ से बनूड़ अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाई है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
संगीता जैन, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, डेराबस्सी सिविल अस्पताल।