मोहाली। न्यू चंडीगढ़ में विकास की रफ्तार अब चौड़ी सड़कों के नेटवर्क पर दौड़ने की तैयारी में है। चंडीगढ़ से बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य के शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए गमाडा ने सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुलांपुर गरीबदास से लेकर तोगा, मस्तगढ़ और धनैड़ा तक प्रस्तावित 150 से 200 फीट चौड़ी सड़कों का रास्ता साफ होने लगा है। चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए विशेषज्ञ समूह ने सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद भूमि अधिग्रहण की सिफारिश कर दी है। अब डीसी मोहाली को पत्र भेजे जाने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। इन सड़कों के निर्माण से न्यू चंडीगढ़ का सड़क ढांचा मजबूत होने के साथ ही क्षेत्र में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण न्यू चंडीगढ़ में अलग-अलग श्रेणियों की सड़कों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। इनका उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना और भविष्य में होने वाले शहरी विस्तार को मजबूत सड़क ढांचे से जोड़ना है। इसमें एचआर-1 रोड: मुलांपुर गरीबदास में प्रस्तावित 45 मीटर (150 फीट) चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण किया जाना है। वीआर-1 रोड: मुलांपुर गरीबदास, मस्तगढ़, धनौता और तोगा में 60 मीटर (200 फीट) चौड़ी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव है। पीआर-4 से एचआर-4 तक सड़क: मस्तगढ़ और तोगा में पीआर-4 से एचआर-4 तक चंडीगढ़ की ओर लगभग दो किलोमीटर लंबी 30 मीटर (100 फीट) चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ के 17 सेक्टरों से संबंधित सड़क संपर्क को पूरा करना है। एचआर-4 रोड: रतवाड़ा, सलामतपुर, मस्तगढ़, पैंतपुर, मिलख और धनैड़ा में 60 मीटर (200 फीट) चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
बॉक्स भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 7 के तहत गठित विशेषज्ञ समूह ने प्रस्तावित परियोजनाओं से संबंधित सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट की समीक्षा की। समूह ने माना कि इन सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण सार्वजनिक उद्देश्य को पूरा करता है। विशेषज्ञ समूह के अनुसार, प्रस्तावित परियोजनाओं से होने वाले संभावित लाभ सामाजिक लागत और प्रतिकूल सामाजिक प्रभावों से अधिक हैं। साथ ही, परियोजनाओं के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण न्यूनतम संभव स्तर पर रखा गया है। इन आधारों पर समूह ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की सिफारिश की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंधी संपर्क करने पर गमाडा के एलएसी रोहित जिंदल ने बताया कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित अगली कार्रवाई के लिए डीसी मोहाली को पत्र लिख दिया गया है। आने वाले कुछ ही दिनों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।