मोहाली। पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाकर चेतावनी दी है कि यदि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया पर तुरंत न रोकी गई तो पूरे राज्य में सफाई सेवक और वाल्मीकि समाज बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। फेडरेशन ने साफ कहा कि दिल्ली के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर पंजाब को लूटने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेक्टर 68 स्थित नगर निगम भवन में फेडरेशन की हुई बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ उप प्रधान मोहन सिंह की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। फेडरेशन के सदस्यों ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार बनने के बाद सभी कच्चे कर्मियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन करीब चार साल बीतने के बावजूद एक भी सफाई सेवक को नियमित नहीं किया गया। नेताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 2011 में अकाली दल-बीजेपी सरकार ने भी विदेशी कंपनी को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका देने की कोशिश की थी, जिसके खिलाफ पूरा वाल्मीकि समाज सड़क पर उतर आया था। भारी विरोध के बाद सरकार को ठेका वापस लेना पड़ा था। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मौजूदा सरकार भी दिल्ली मॉडल को लागू करने की कोशिश करेगी तो एक बार फिर राज्यभर में हड़ताल और उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक के बाद नेताओं ने सरकार से मैकेनिकल स्वीपिंग के नाम पर दिया गया ठेका रद्द कर सीधे सफाई सेवकों की भर्ती की जाए, ठेका बेस पर काम कर रहे और तीन वर्ष पूरे कर चुके सफाई सेवकों व सीवरमैनों को नियमित किया जाए, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के ठेके के बहाने वाल्मीकि समाज को आर्थिक रूप से गुलाम बनाने की साजिश को पूरी तरह बंद किया जाने की मांग की है।