मोहाली। गांव कुंभड़ा में घर में घुसकर मर्डर केस के गवाह पर गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी मनीष प्रभाकर पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। पुलिस की टीमों ने प्रभाकर के बरनाला स्थित घर में भी दबिश दी थी। वहां पर भी पुलिस को कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी है। आरोपी के घर वाले भी गायब थे। किसी को उनके बार में कुछ पता नहीं है।
थाना फेज-आठ के एसएचओ सब इंस्पेक्टर शिवदीप सिंह बराड़ ने कहा कि पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी है। उम्मीद है कि जल्दी ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह गांव कुंभड़ा स्थित कुम्हार कालोनी में वीर सिंह के घर बरनाला निवासी मनीष प्रभाकर पहुंचा। उसके साथ उसका एक साथी और था। इस दौरान उन्होंने पहले वीर सिंह से बातचीत की। फिर चाय-पानी पिया और जाते हुए वीर सिंह पर गोलियां चला दीं।
बता दें कि तीन साल पहले कुंभड़ा लाइट प्वाइंट पर हुए हत्याकांड का वीर सिंह गवाह है। वहीं मनीष प्रभाकर उसमें मुख्य आरोपी है। वीर सिंह की गवाही पर ही मनीष का सारा करियर टिका हुआ है। आरोपी मनीष ने वीर सिंह को पहले गवाही न देने की धमकियां दीं। फिर पैसे का लालच दिया। जब इन सब से बात न बनी तो वीर सिंह पर फायरिंग कर दी।
हत्या के बाद कार में हुए थे फरार
जानकारी के मुताबिक मर्डर केस के गवाह वीर सिंह पर गोली चलाने के बाद आरोपी नीले रंग की स्कोडा कार से भागे थे। पुलिस की टीमें उस कार की तलाश में लगी हुई है। पुलिस ने विभिन्न टोल प्लाजा व अन्य जगह की रिकॉर्डिग भी देखी है लेकिन अभी तक कार का कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा पुलिस ने घटना स्थल से फोन कॉल का डंप लिया है और बारीकी से जांच की जा रही है।
वीर सिंह का हुआ आपरेशन, हालत खतरे से बाहर
दूसरी तरफ हमले में घायल हुए वीर सिंह का फेज-आठ के निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। उनके शरीर से गोलियां निकाल दी गई हैं। वहीं परिवारवालों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है इसलिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। वहीं अब परिवार वीर सिंह को पीजीआई शिफ्ट करने की तैयारी में है।