मोहाली। जिला मोहाली में कोरोना संक्रमितों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और आए दिन संक्रमितों की मौत भी हो रही है। इसके बावजूद लोग कोविड से बचाव के दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सेहत विभाग के अधिकारी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक दूरी बनाकर रखने का पाठ भले ही पढ़ाते हों, लेकिन सिविल अस्पताल में ही इन नियमों का पालन नहीं हो रहा। ऐसे में आप अंदाजा ला सकते हैं कि सेहत विभाग कोरोना को लेकर कितना गंभीर है। यह नजारा देखने को मिला फेज-6 के सिविल अस्पताल में।
सिविल अस्पताल में कोरोना से बचाव के लिए तय मापदंड का पालन नहीं हो रहा है। कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आने के बाद सिविल अस्पताल में जांच के लिए आने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि जांच के लिए आने वाले लोग ही न तो सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं और न ही मास्क लगाते हैं। लोग पूरी तरह से लापरवाह हो रहे हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा, जोकि बेहद चिंताजनक है। यदि लोग इसी तरीके से लापरवाही बरतते रहे तो कोरोना बड़ा रूप धारण न कर ले। इसके मद्देनजर अब प्रशासन ने फिर से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। प्रशासन लोगों से मास्क लगाने और सामाजिक दूरी के पालन के लिए अपील कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था बनाए रखने और गाइडलाइन का पालन करवाने के लिए डीसी और एसएसपी को पत्र लिखकर वालंटियर्स की मांग की थी। अब यहां पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। जांच काउंटर पर दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, इसके बावजूद लोग कोरोना दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे।
रोजाना 700-800 लोगों का हो रहा कोरोना टेस्ट
मोहाली के डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेट मेडिकल साइंस कॉलेज के अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग कोरोना टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। पूरे जिले में 2000 से ज्यादा सैंपल लिए जाते हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 700-800 लोग कोरोना जांच करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में चार ऐसे काउंटर बनाए गए हैं, जहां कोरोना वायरस का टेस्ट होता है।
मोहाली अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजिस्ट दीपिका सरपाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में टेस्ट के लिए चार काउंटर बनाए गए हैं। आम लोगों के लिए कमरा नंबर-80, वहीं बुजुर्गों के लिए कमरा नंबर 46 में कोरोना टेस्ट होते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए रैपिड टेस्ट की सुविधा लेबर रूम में की गई है। नवजन्में बच्चों के आईसीयू में उसके परिवार के सदस्यों के लिए रैपिड टेस्ट की सुविधा की गई है। आम लोगों की सैंपलिंग का समय सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक है। रिपोर्ट दो दिन बाद मिलती है। वहीं जच्चा-बच्चा केंद्र और इमरजेंसी पूरा दिन टेस्ट होते हैं और रिपोर्ट आधे घंटे बाद मिल जाती है।
भीड़ संभालने के लिए कम पड़ रहे कर्मचारी
मेडिकल कॉलेज के एसएमओ-2 डॉ. एचएस चीमा ने बताया कि अस्पताल में कोरोना से संबंधी टीम अपने तौर पर अच्छा काम कर रही हैं। ऐसे में कई बार लोगों की भीड़ को संभालने के लिए हमारे कर्मचारियों की संख्या कम पड़ जाती है। बात करें सामाजिक दूरी की तो अक्सर लोग डॉक्टरों से झगड़ा करने लग जाते हैं ताकि उन्हें लाइन में खड़ा न होना पड़े। डॉ. चीमा कहते हैं कि मोहाली प्रशासन से भी मांग कर चुके हैं हमें वॉलंटियर दिए जाएं, अस्पताल में आम लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है।