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किडनी कांड : समीर का दूसरे अस्पतालों में भी हो सकता है नेटवर्क

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डेराबस्सी। इंडस इंटरनेशनल अस्पताल किडनी कांड में फरार आरोपी व गिरोह के मास्टरमाइंड मुंबई निवासी समीर, दिल्ली के हसन व अनमोल की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें अस्पताल का कोआर्डिनेटर अभिषेक, यूपी निवासी राम नारायण के अलावा समीर, हसन और अनमोल का नाम शामिल है। इनमें से पुलिस ने कोआर्डिनेटर अभिषेक व राम नारायण को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की बीते 6 अप्रैल को डेराबस्सी अदालत में सुनवाई हुई थी। अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी थी। अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी समीर का इंडस इंटरनेशनल अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों में भी नेटवर्क हो सकता है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि यह सारा गिरोह समीर ने इकट्ठा किया था। समीर ही किडनी देने व लेने वाले जरूरतमंद मरीज से फेसबुक के जरिए संपर्क करता था। समीर ने डेराबस्सी आकर उक्त अस्पताल के कोआर्डिनेटर अभिषेक को अपने साथ राजी किया था। इसके लिए अभिषेक के साथ डेराबस्सी के एक रेस्तरां में तीन मीटिंग हुई थी, जहां की पुलिस ने सीसीटीवी भी निकलवाई है।
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व्हाट्सएप पर ही करते थे बात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आपस में व्हाट्सएप पर बात किया करते थे जिस कारण उनकी बातचीत का ज्यादा रिकार्ड नहीं आ रहा। जांच में सामने आया कि आरोपी समीर जिस नंबर पर बात करता था, वह नंबर भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया हुआ था जिस कारण पुलिस आरोपी को काबू करने में परेशानी आ रही है।

कमेटी के सदस्यों की भूमिका शक के घेरे में
पुलिस जांच में किडनी प्रत्यारोपण में दस्तावेजों की जांच के लिए इंडस इंटरनेशनल अस्पताल में बनी कमेटी के सदस्य की भूमिका शक के घेरे में आ गई है। जांच में सामने आया कि कमेटी की ओर से जानबूझ कर अपने कार्य में लापरवाही बरती गई। जिस कारण यह अंग प्रत्यारोपण का गैर-कानूनी कार्य अस्पताल में चलता रहा। इसमें अस्पताल के क्लीनिकल डायरेक्टर, अस्पताल के मुख्य सर्जन सहित अन्य शामिल हैं। इनसे एसआईटी पूछताछ कर उनके बयान कलमबद्ध कर चुकी है।
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आरोपियों को काबू करने के लिए धरपकड़ की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा कि आरोपियों के अन्य किस अस्पताल में नेटवर्क है। उन्होंने अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण की मंजूरी देने के लिए बनाई कमेटी के बारे में कहा उनकी ओर से अपनी कार्य में लापरवाही बरती गई है। उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है जिसकी जांच की जा रही है।
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-जसकंवल सिंह सेखों, थाना प्रभारी
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