मोहाली। ट्राइसिटी सहित पंजाब के लोगों को चंडीगढ़ आने-जाने के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद आखिरी खरड़-चंडीगढ़ फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही सर्विस लेन की फ्लाईओवर का निर्माण करने वाली कंपनी ने इसे बनाना शुरू करके प्रीमिक्स डालना शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि 15 दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक खरड़ फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ अप-डाउन करने वाले लोगों सहित पंजाब व हिमाचल से चंडीगढ़ की ओर आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मानसून सीजन में यह परेशानी और भी बढ़ गई है। ट्रैफिक के भारी दबाव के चलते यहां घंटों लंबा जाम लगना आम बात हो चुकी है। इसके अलावा रोड पर गड्ढे ही गड्ढे थे। लोगों की समस्या को देखते हुए डीसी गिरीश दयालन ने कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी के साथ मीटिंग करके फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के तहत एलिवेटेड रोड के जल्द निर्माण के निर्देश दिए थे। इसके चलते एलएंडटी ने एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में बलौंगी लाइटों से सनी एन्क्लेव तक 3 किलोमीटर एलिवेटेड रोड का निर्माण होना है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन के सभी विभागों का यह संयुक्त प्रयास है कि चंडीगढ़-खरड़ रोड पर ट्रैफिक को सुव्यवस्थित किया जाए। डीसी ने कहा कि हम इस सड़क को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं, ताकि लोगों को असुविधा न हो। दियालन ने एनएचएआई और एलएंडटी को 15 दिनों के भीतर खरड़ फ्लाईओवर के नीचे एलिवेटेड रोड बनाने का निर्देश दिया था। उन्होंने एसपी ट्रैफिक को भी निर्देश दिया था कि वे उन वैकल्पिक मार्गों पर भारी वाहनों को रोक दें, जहां से सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
एसडीएम ने कंस्ट्रक्शन साइट का किया दौरा
खरड़ के एसडीएम विनोद बंसल ने सोमवार को कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा कर निर्माण कार्य की समीक्षा की। वह एनएचएआई और एलएंडटी के साथ मिलकर कंस्ट्रक्शन वर्क पर नजर बनाए हुए हैं। साइट का जायजा लेने के दौरान एसडीएम ने फ्लाईओवर के नीचे दो दिनों में जल निकासी के लिए समुचित व्यवस्था करने और सीवरेज को साफ करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि चंडीगढ़-खरड़ रोड़ पर ट्रैफिक को कम करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार है और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाए गए हैं।
66 प्रतिशत पूरा हुआ प्रोजेक्ट का काम
369 करोड़ रुपए की लागत से 10.2 किलोमीटर लंबे खरड़-चंडीगढ़ फ्लाईओवर का काम नवंबर 2015 में शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट के लिए 15 हेक्टेयर जमीन एक्वायर की जानी है जबकि दो हेक्टेयर पहले ही एकवायर की जा चुकी है। प्रोजेक्ट का 66 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि 34 प्रतिशत प्रोजेक्ट अभी अधूरा है। यह प्रोजेक्ट पहले दिसंबर 2018 में पूरा होना था पर अब यह प्रोजेक्ट मार्च 2020 में पूरा होगा।