खरड़ में हंगामा करते कांग्रेस के पार्षद।
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नगर काउंसिल खरड़ के प्रधान पद का चुनाव सोमवार को हंगामे के बाद कैंसिल कर दिया गया। अब चुनाव 3 मई को होगा। यह चुनाव कांग्रेस और अकाली दल दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। सोमवार को नगर कांउसिल खरड़ के प्रधान पद का चुनाव था।
चुनाव के लिए अकाली दल और बीजेपी के पार्षद पहुंच गए थे। इसके अलावा निर्दलीय और आप के पार्षद भी कमेटी हॉल में थे। इस दौरान जब कांग्रेसी पार्षदों को लगा कि वह प्रधान नहीं बना पाएंगे तो उन्होंने हंगामा कर दिया। इसके बाद पार्षदों ने एक कुर्सी उठाकर अधिकारियों वाली साइड फेंकी। इसके बाद पार्षद हंगामा भी करते रहे।
आखिर में चुनाव के लिए मौजूद एसडीएम और अधिकारी कमेटी रूम से चले गए। हालांकि पार्षद वहीं पर प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद चुनाव को कैंसिल करने का फैसला लिया गया। साथ ही नहीं तारीख घोषित कर दी गई।
नयागांव में शाम को स्थिति होगी साफ
जानकारी के मुताबिक नगर काउंसिल खरड़ में 27 सीटें हैं, जिसमें से 10 सीटें कांग्रेस के पास हैं। 8 सीटों पर अकाली दल का कब्जा है। 8 सीटें निर्दलीयों के हाथ में है। जबकि 1 सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है। नगर काउंसिल खरड़ का चुनाव कांग्रेस के लिए वर्चस्व की जंग बनी हुई है। जिले में एक नगर निगम और सात नगर काउंसिल है। इसमें से सबडिवीजन खरड़ में कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले थे। खासकर खरड़ और नया गांव में अकाली दल ने कांग्रेस को मजबूत टक्कर दी थी। किसान संघर्ष के बीच नया गांव में बीजेपी मजबूती से उभरी थी और 3 सीटें हासिल करने में कामयाब रही थी। नयागांव नगर काउंसिल का चुनाव सोमवार दोपहर तीन बजे होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि वहां बीजेपी के तीनों पार्षद किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे। जिस भी दल के साथ वे जाएंगे, वही दल नगर कांउसिल का प्रधान बनाएगा। कांग्रेस और अकाली दल दोनों अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।