खरड़। न्यायिक परिसर को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर पूरे परिसर को खाली करवाकर तलाशी अभियान शुरू किया। तीन महीने के अंदर दूसरी बार धमकी दी गई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। धमकी भरी ईमेल मिलते ही पुलिस ने कोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली। शाम तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इस घटनाक्रम के बाद कोर्ट परिसर में काम करने वाले वकील और कर्मचारी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते रहे। लोगों का कहना था कि बार-बार धमकियों के बावजूद कोर्ट परिसर में सुरक्षा उपायों में कोई सुधार नहीं हुआ है।
वकील सुशांत कौशिक, पंकज चढ़्ढा और अन्य ने आरोप लगाया कि बम की धमकी मिलने के बाद डॉग स्क्वाड तक को बुलाया नहीं गया। स्थानीय पुलिस ने खुद ही सर्च अभियान चलाया। वकीलों का कहना था कि कोर्ट परिसर में मेटल डिटेक्टर ठीक से नहीं लगाए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों का अभाव है। इस कारण उन्हें असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। इस कोर्ट परिसर में एसडीएम कार्यालय, तहसील दफ्तर और डीएसपी कार्यालय भी स्थित है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में नागरिकों की आवाजाही लगी रहती है। इस सुरक्षा चूक के कारण आम लोग भी भयभीत रहते हैं। वकीलों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि कोर्ट परिसर में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।