चंडीगढ़-अंबाला मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या के हल के लिए बनाया जा रहे फ्लाईओवर का निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। निर्माण कंपनी की ओर से गुजरने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए हैं। इससे जाम की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस भी लोगों की परेशानी की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
जानकारी के अनुसार, हाईवे पर डेराबस्सी में जाम की समस्या के हल के लिए नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने करीब 91 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। यह काम निजी कंपनी ने वर्ष 2015 के अक्तूबर शरू किया था। कंपनी को अक्तूबर तक यह निर्माण कार्य पूरा करना है। निर्माण के दौरान कंपनी की ओर से यहां से निकलने वाले वाहनों की सुविधा का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण यहां से निकलने वाले वाहनों को रोजाना जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार से इस समस्या ने विराट रूप धारण कर लिया है। पहले जहां सुबह व शाम दफ्तरों की छुट्टी के समय जाम की समस्या आती थी। वहीं, शनिवार से यह समस्या बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। कंपनी की ओर से बीच में कुछ पिलरों पर स्लैब रखी जा रहीं हैं। कंपनी मई तक फ्लाईओवर तक चालू करने का दावा कर रही है। इस दौरान उनकी ओर से नीचे सड़क को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। जबकि यहां से निकलने वाले वाहनों की संख्या के हिसाब से सड़क तंग हं।
चंडीगढ़ से डेराबस्सी की ओरे आने वाली तरफ फ्लाईओवर से लेकर गांव भांखरपुर की हद तक जाम लग रहा है। वाहनों को दो से तीन किलोमीटर का सफर रेंगते हुए पूरा करना पड़ रहा है। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी अपनी ड्यूटी पूरी तनदेही से नहीं कर रहे हैं। जो जाम को कंट्रोल करने की ओर कोई ध्यान नहीं देते।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुलविंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी पूरी तनदेही से कर रही है। लेकिन, वाहनों को पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण जाम लग रहा है। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने तक वाहन चालकों को समस्या झेलनी पड़ेगी।