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कोरोना से मौत की स्थिति में संस्कार का विरोध करना गलत

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मोहाली। कोरोना की वजह से अगर किसी व्यक्ति की मौत होती है तो उसके संस्कार का विरोध करना गलत है। कोरोना कोविड-19 के मरीज का संस्कार करने से कोई अधिक खतरा नहीं होता है। यह बात सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने प्रसिद्घ रागी भाई निर्मल सिंह की कोरोना से हुई मौत के बाद दाह संस्कार के बाद पैदा हुए हालातों के मद्देनजर कही है।
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श्मशानघाट में दाह संस्कार की क्रिया करवाने वालों और शवों को दफनाने वाले कर्मचारियों को जागरूक करते हुए सिद्घू ने कहा कि उचित प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। संस्कार से कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है और राख से कोई खतरा नहीं होता है। अंतिम संस्कार की सभी रस्मों के लिए राख उठाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सेहत और परिवार मंत्रालय की तरफ से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक श्मशानघाट और कब्रिस्तान में शव दफनानेवाले कर्मचारियों को हाथों की सफाई, मास्क और दस्तानों का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके अलावा रिश्तेदारों को मुंह दिखाना और धार्मिक रस्मेें जैसे की धार्मिक पाठ पढ़ना, पवित्र जल का छिड़काव और कोई अंतिम रस्म जिससे शरीर को छूने की जरूरत, लाश को दिखाने के लिए बैग को खोलने की आज्ञा नहीं दी जा सकती है। मृतक देह को नहलाना, चूमना, गले लगाने की आज्ञा भी नहीं है। दाह संस्कार और शव दफनाने के दौरान मौजूद सभी कर्मचारियों और पारिवारिक मेंबरों को क्रिया के बाद हाथों की अच्छी तरह से सफाई जरूर करनी होगी। इसके अलावा श्मशानघाट और कब्रिस्तान में ज्यादा संख्या में पारिवारिक मेंबरों को जमा होने की अनुमति नहीं है।
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