प्लॉट मालिकों ने गमाडा से एन्हांसमेंट की गणना, जमीन अधिग्रहण की लागत और विकास खर्च की मांगी थी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। आईटी सिटी के प्लॉट मालिकों से एन्हांसमेंट राशि वसूलने का मामला फिर उलझ गया है। मंगलवार को तय जनसुनवाई में संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे, जिससे प्लॉट मालिक नाराज हो गए। वे सुबह करीब 11 बजे से अधिकारियों का इंतजार कर रहे थे। यह बैठक एन्हांसमेंट से जुड़े सवालों के जवाब के लिए बुलाई गई थी। पिछली जनसुनवाई 15 सितंबर को हुई थी। उसमें प्लॉट मालिकों ने गमाडा से एन्हांसमेंट की गणना, जमीन अधिग्रहण की लागत और विकास खर्च की जानकारी मांगी थी। उन्होंने ब्याज से जुड़ी जानकारी भी मांगी थी। अधिकारियों ने इन सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए थे। इसके बाद अगली सुनवाई 29 सितंबर को तय की गई थी। आईटी सिटी पार्षद नसीब सिंह संधू ने कहा कि प्लॉट मालिक समय पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों के नहीं आने से बैठक नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि प्लॉट मालिक कई वर्षों से इस मामले में स्पष्टता चाहते हैं। बार-बार सुनवाई टलने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
एन्हांसमेंट राशि और आवंटन पर सवाल
गमाडा ने आईटी सिटी प्लॉटों पर करीब 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज एन्हांसमेंट राशि बताई थी। प्लॉट मालिकों ने इस गणना पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब प्लॉटों का आवंटन 2019-20 में हुआ था, तो पिछली अवधि का एन्हांसमेंट और ब्याज क्यों लगाया जा रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 27 अगस्त 2026 को आईटी सिटी के प्लॉट मालिकों से एन्हांसमेंट राशि की वसूली के लिए जारी पुराने मांग नोटिस रद्द कर दिए थे। अदालत ने कहा था कि नोटिस जारी करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ। हालांकि, कोर्ट ने गमाडा को नियमों और उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नए सिरे से मांग जारी करने की छूट दी थी।