मोहाली। जिले में सांप के काटने के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सर्पदंश को लेकर विभाग ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार आहूजा व जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. शलिंदर कौर ने कहा कि सर्पदंश का मामला सामने आने पर बाबा के चक्कर में पड़ने के बजाय सरकारी अस्पताल आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी के सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश की दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध हैं। सर्पदंश के मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जाता है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि सर्पदंश होने के बाद लोग पीड़ित व्यक्ति को तुरंत अस्पताल लाने के बजाय कई बार बाबा के चक्कर में पड़ जाते हैं। इस कारण उस व्यक्ति की जान पर बन जाती है। कई बार तो इस कारण मौत भी हो जाती है।
बरसात में बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप के काटने की घटनाएं काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। पंजाब में वैसे तो जहरीले सांप नहीं होते हैं लेकिन कई बार जहरीले सांप आदमी को काट देते हैं। अगर सर्पदंश के बाद मरीज को समय पर इलाज न मिले तो शरीर में जहर फैलने से उसकी मौत हो सकती है। जिससे मरीज की जान भी जा सकती है।
सांप के काटने पर तुरंत पर करें यह उपाय-मरीज को आश्वस्त करें कि लगभग 70 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते, इसलिए उसे किसी जहरीले सांप ने नहीं काटा होगा और उसे कुछ नहीं होगा।
-जहां सांप ने काटा हो उस हिस्से को सहारा दें ताकि उसे इस्तेमाल या हिलाया न जा सके। विशेष रूप से उस हिस्से को कसकर न बांधे क्योंकि ऐसे में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है।
-अगर सांप काट ले तो सबसे पहले शरीर के संबंधित हिस्से पर काटने के निशान को देखने की कोशिश करें ताकि यह निश्चित रूप से पता चल सके कि सांप ने कहां काटा है।
-मरीज को यहां-वहां भागने न दें और न ही खुद गाड़ी चला कर अस्पताल जाने दें बल्कि उसे आराम से बैठा कर अस्पताल लाएं क्योंकि रास्ते में जहर का असर बढ़ सकता है और इससे हादसा होने का डर है।
-सांप को मारने के बजाय घटनास्थल से तुरंत हट जाएं।
-काटने वाली जगह से जूते, घड़ी, गहने और कपड़े आदि हटा दें और स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करें।
सर्पदंश के लक्षण-शरीर में दर्द, अचानक अंगों का सूज जाना
-काटने की जगह पर रक्तस्राव
-सांस लेने और कुछ निगलने व बोलने में कठिनाई
-सिर उठाने में कठिनाई
-कान, नाक, गले या अन्य जगहों से रक्तस्राव आदि