डेराबस्सी। इलाके में कोरोना महामारी के कारण किए गए लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों को पंजाब सरकार द्वारा दिए गए सूखा राशन बांटने की प्रक्रिया का डेराबस्सी में पूरी तरह से राजनीतिकरण हो गया है। प्रशासन की अनदेखी के चलते राशन किटों में कीड़े चलने लगे हैं और बरसात के मौसम में फफूंद लगनी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि जरूरतमंदों को जल्द से जल्द राशन वितरित करने की बजाए प्रशासन द्वारा सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं का इंतजार किया जा रहा है कि वह कब आएंगे और कब राशन बांटा जाएगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक डेराबस्सी में हजारों सूखे राशन की किटें जरूरतमंद परिवारों के लिए आईं। इनमें 10 किलो आटा, दो किलो दाल, चीनी व कईयों में चावल, तेल आदि हैं। यह किटें डेराबस्सी बस स्टैंड पर स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बंद कमरों में पिछले कई दिनों से पड़ी हैं। एक डेढ़ महीने से राशन वितरण के प्रोग्राम शहर के विभिन्न वार्डों में किए जा रहे हैं। बारिश व गर्मी की बढ़ती तपिश के कारण कई राशन की किटों में कीड़े व फफूंद लग गया है।
खराब राशन जब कई लोगों के घरों में पहुंचा तो वह यह देखकर कई लोग गुस्से में कई नेताओं को राशन की किटें वापस करने उनके घर पहुंचे। शहर के कई वार्डों में ऐसे राशन की शिकायत देखने को मिली। वार्ड नंबर 14 के कांग्रेसी नेता लखविंदर सिंह लक्की ने कहा कि कुछ राशन की किटों में आटा खराब निकला था जिसको मालूम चलने पर बदल दिया गया है।
मामले की जांच करवाएंगे : एसडीएम
इस बारे में संपर्क करने पर एसडीएम कुलदीप बावा ने कहा कि वह इसकी जांच करवाएंगे। बावा ने कहा कि बारिश के मौसम के चलते ऐसा होने की संभावना है। स्कूल के बंद कमरे में काफी दिनों से पड़े राशन व वितरण धीमा होने की बात पर उन्होंने कहा कि राशन बांटने की प्रक्रिया को तेज करवाएंगे ताकि राशन खराब न हो।
फोटो कैप्शन: सरकारी स्कूल के कमरे में पड़ी राशन की किटें।