मोहाली के गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में लंगर छकती संगत।
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मोहाली। प्रतिपदा के साथ ही मंगलवार से चैत्र नवरात्र की शुरूआत हो गई। वहीं इसी दिन वैसाखी और खालसा पंथ का स्थापना दिवस भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। चैत्र नवरात्र के शुभारंभ पर शहर के मंदिरों में घट स्थापना की गई और खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर गुरुद्वारों में धार्मिक समागम आयोजित किए गए।
शहर के सभी मंदिरों में पहले नवरात्र पर घट स्थापना हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की गई। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में घट स्थापना कर खेत्री लगाई। कोरोना काल के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित ही रही और कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए भक्तों में मां आदि शक्ति की पूजा अर्चना की गई। वहीं शाम के समय मंदिरों में महिला मंडलियों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ कर संकीर्तन किया।
उधर, वैसाखी और खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर शहर के प्रमुख गुरुद्वारों सहित सभी गुरुद्वारों में धार्मिक समागम आयोजित किए गए। इनमें कीर्तनी जत्थों और कथा वाचकों ने संगत को गुरुबाणी से जोड़ा। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां और गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में संगत ने माथा टेका। हालांकि कोरोना काल के चलते नवरात्र, खालसा पंथ के स्थापना दिवस और वैसाखी पर भव्य आयोजन नहीं हो सके। फिर भी कुछ श्रद्धालु मंदिरों और गुरुद्वारों में पहुंच नतमस्तक हुए। सभी श्रद्धालुओं ने कोरोना से निजात पाने के लिए अरदास की। मंदिरों और गुरुद्वारों में फूलों की सजावट करने के साथ ही रोशनी से भी सजाया गया।